Sandeshkhali Case: CBI की टीम खाली हाथ लौटी, CID ने शेख शाहजहां को नहीं सौंपा

Sandeshkhali Case: कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के संदेशखालि में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हुए हमले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का मंगलवार को आदेश दिया. जिसके बाद सीबीआई की टीम टीएमसी नेता और मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को हिरासत में लेने के लिए पहुंची थी. लेकिन टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा. CID ने शेख शाहजहां की हिरासत CBI को नहीं सौंपी.

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने संदेशखालि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिये मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.

Sandeshkhali Case: वकील अभिषेक सिंघवी ने तत्काल सुनवाई की मांग की

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और तत्काल सुनवाई की मांग की. पीठ ने याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया और सिंघवी से सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष मामले का उल्लेख करने को कहा.

हाई कोर्ट की एकल पीठ ने जांच सीबीआई और एसआईटी को सौंदा था

ईडी और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अलग-अलग अपील दायर की है. हाई कोर्ट के एकल पीठ ने ईडी अधिकारियों पर भीड़ के हमले की जांच के लिए सीबीआई और राज्य पुलिस की एक संयुक्त विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन का 17 जनवरी को आदेश दिया था. ईडी चाहती थी कि जांच केवल सीबीआई को सौंपी जाए, जबकि राज्य ने प्रार्थना की कि तफ्तीश उसकी पुलिस को दी जाए.

Sandeshkhali Case: ईडी ने शाहजहां शेख का फ्लैट, जमीन कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित नेता शाहजहां शेख की 12.78 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है, जिसमें बैंक जमा, एक फ्लैट और संदेशखालि और कोलकाता में कृषि और मत्स्य पालन भूमि शामिल है. शेख के समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने पांच जनवरी को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि गई ईडी टीम पर हमला किया था. इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने उन्हें 29 फरवरी को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद टीएमसी ने शेख को पार्टी से निलंबित कर दिया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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