दुर्गापुर. बुधवार को शहर के मेनगेट न्यू स्टील पार्क स्थित आश्रम में दुर्गापुर महर्षि मेंहीं संतमत सत्संग ट्रस्ट की ओर से अनंत श्री विभूषित परमाराध्य संत सदगुरु महर्षि मेंहीं परमहंस महाराज की 140वी जयंती पर सत्संग आयोजित हुआ. बुधवार सुबह आश्रम से एक शोभायात्रा निकाली गयी, जो मेनगेट व आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजरी. सत्संग में कुल्टी,आसनसोल, काजोड़ा, पांडवेश्वर, पानागढ़, दुर्गापुर के साथ ही झारखंड व बिहार के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. शोभायात्रा के दौरान गाजे-बाजे के साथ सद्गुरु के जयकारे लगाये गये. आश्रम में हुए सत्संग के दौरान भक्तों ने बारी-बारी से सदगुरु को नमन किया. सत्संग में सौमित्र तिवारी, अनिरुद्ध पंडित और बिहार के भागलपुर कुप्पा घाट से पधारे स्वामी आलोक महाराज ने गुरु की गुरुता पर प्रकाश डाला. कहा कि गुरुज्ञान के बिना मानव जीवन को मोक्ष नहीं मिल सकता. महर्षि मेंहीं सदगुरु महाराज धर्मज्ञान का प्रसार कर देशभर में विख्यात हुए. उनके शिष्य गुरु के उपदेशों का प्रसार करते हैं. गुरु ने झूठ, चोरी, नशा, हिंसा व अपविचार से बचने की नसीहत दी.
सदगुरु के पदचिह्नों पर चल कर ही मानव का कल्याण संभव है. समागम के आयोजन की सफलता के लिए संगठन के अध्यक्ष रामविलास साव, उपाध्यक्ष कृष्णदेव प्रसाद, सचिव सौमित्र तिवारी, उपसचिव राम गोविंद अग्रवाल, राकेश गुप्ता, दिनेश महतो, सरिता बरनवाल आदि सक्रिय रहे. अनिरुद्ध पंडित ने कहा कि गुरुदेव ने 14 पुस्तकें लिखीं और जन-जन तक धर्म का प्रसार किया था.
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