बंगाल चुनाव: कोलकाता में हिंदी भाषी चेहरों के सहारे भाजपा, इन सीटों पर दिलचस्प मुकाबला

Bengal Election: 2021 के विधानसभा चुनाव में जोड़ासांको सीट पर तृणमूल उम्मीदवार विवेक गुप्ता ने जीत हासिल की थी. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मीना देवी पुरोहित को 12,743 वोटों से हराया था. तृणमूल को 52,123 और भाजपा को 39,380 वोट मिले थे. वहीं, 2016 में तृणमूल ने यह सीट 6,290 वोटों से जीती थी.

Bengal Election: कोलकाता. महानगर कोलकाता की दो अहम विधानसभा सीटों जोड़ासांको और चौरंगी पर इस बार हिंदी भाषी उम्मीदवारों की दावेदारी ने चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. इन दोनों क्षेत्रों में हिंदी भाषी मतदाता परंपरागत रूप से निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं. ऐसे में इस बार का चुनाव और भी अहम माना जा रहा है. लगातार तीन बार जीत दर्ज करने वाली तृणमूल कांग्रेस को इस बार कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. इसी के तहत पार्टी ने जोड़ासांको सीट से मौजूदा विधायक विवेक गुप्ता का टिकट काटकर तृणमूल पार्षद विजय उपाध्याय को उम्मीदवार बनाया है.

कम रहा है जीत का अंतर

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय विधायक के प्रदर्शन को लेकर असंतोष का संकेत माना जा रहा है. एक समय जोड़ासांको कांग्रेस का मजबूत गढ़ था, जहां पार्टी ने 11 बार जीत दर्ज की थी. लेकिन 1998 में ममता बनर्जी द्वारा तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद समीकरण बदले. 2001 से यह सीट तृणमूल के कब्जे में है, हालांकि अधिकांश चुनावों में जीत का अंतर कम रहा है. इससे स्पष्ट है कि यहां के मतदाता किसी एक दल के साथ स्थायी रूप से नहीं जुड़े हैं.

लोग बदलाव के मूड में

भाजपा ने इस बार यहां से पार्षद विजय ओझा को उम्मीदवार बनाया है. यह उनका पहला विधानसभा चुनाव है. 2021 में यहां से भाजपा ने मीना देवी पुरोहित को टिकट दिया था. विजय ओझा का दावा है कि उन्हें प्रचार के दौरान जनता से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और लोग बदलाव के मूड में हैं. उन्होंने तृणमूल पर सिंडिकेट और जंगलराज का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि पार्षद होने के नाते वह प्रचार के दौरान भी लोगों के जरूरी काम निपटा रहे हैं.

कांग्रेस-वामपंथी वोट बैंक में लगाना होगा सेंध

उधर, चौरंगी विधानसभा सीट पर भाजपा ने संतोष पाठक को उम्मीदवार बनाया है. वह चार बार के पार्षद रह चुके हैं और लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं. 2021 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, भाजपा ने कांग्रेस-वामपंथी वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति के तहत उन्हें उम्मीदवार बनाया है. संतोष पाठक का कहना है कि वह क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे हैं और लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं.

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तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़

चौरंगी सीट तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ मानी जाती है. 2021 के चुनाव में तृणमूल उम्मीदवार नैना बंद्योपाध्याय ने 45 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी. उन्हें 70,101 वोट मिले थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार देवदत्त माझी को 24,757 वोट प्राप्त हुए थे. भाजपा प्रार्थी संतोष पाठक ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विधायक और सांसद की सक्रियता कम रही है. उन्होंने दावा किया कि वह जनता के बीच रहने वाले नेता हैं और क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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