कोलकाता. जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में कोविड महामारी के बाद आये व्यवहार परिवर्तन पर यूनिसेफ द्वारा विकसित नया कार्स शुरू किया जायेगा. इस कोर्स मॉड्यूल में महामारी के बाद लोगों में आये व्यवहार में बदलाव पर गहन अध्ययन सामग्री पेश की जायेगी. काेर्स दो जुलाई से शुरू होगा. सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन के लिए बनाये गये इस अभिनव पाठ्यक्रम में समकालीन संचार रणनीतियों को सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन के शोध के रूप में पेश किया जायेगा. यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने कहा कि यह पहल व्यापक ढांचे में एकीकृत करने के विश्वविद्यालय के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. विश्वविद्यालय में इंटरनेशनल रिलेशंस विभाग के प्रो इमान कल्याण लाहिड़ी ने बताया : कोविड के बाद, यूनिसेफ का विचार था कि मनुष्य के सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव आया है और इस तरह हमने संचार कौशल के आधार पर कुछ मॉड्यूल विकसित किये. समाज में अन्य क्षेत्रों के साथ संवाद करना किसी के लिए कैसे महत्वपूर्ण है. यह पाठ्यक्रम बतायेगा, क्योंकि यूनिसेफ का मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति को कुछ संचार सिद्धांतों को जानना चाहिए, विशेष रूप से बड़े पैमाने पर समाज की सेवा करने वालों को यह जानना चाहिए. इस कोर्स में छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल, दोनों प्रदान किया जायेगा. विश्वविद्यालय ने अपने बयान में कहा है कि सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन संचार के क्षेत्र में उनकी अंतर्दृष्टि और अनुभव कार्यक्रम को समृद्ध बनायेंगे और उपस्थित लोगों के लिए सीखने के मूल्यवान अवसर प्रदान करेंगे. इसमें कहा गया है कि यह पाठ्यक्रम यूनिसेफ द्वारा विकसित सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन के लिए संचार (सीएसबीसी) मॉड्यूल पर आधारित है.
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