नरेंद्र मोदी के पास नेहरू जैसा जनादेश नहीं : सुदीप

हमारी नेता ममता बनर्जी गत शनिवार को ही घोषणा कर चुकी हैं कि यह सरकार लंबे समय तक नहीं चल सकती.

कोलकाता/नयी दिल्ली. सांसद व तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने रविवार को कहा कि नरेंद्र मोदी भले ही तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है, लेकिन उनके पास जवाहरलाल नेहरू जैसा जनादेश नहीं है, जो लगातार तीन कार्यकाल तक प्रधानमंत्री रहे थे. लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता के रूप में फिर से चुने गये बंद्योपाध्याय ने यह भी कहा कि विपक्ष संसद के कामकाज में सकारात्मक भूमिका निभायेगा. सुदीप बंद्योपाध्याय ने पत्रकारों से बातचीत में कहा : लोगों ने उनके (प्रधानमंत्री मोदी) पक्ष में कुछ समर्थन दिया है, लेकिन उनके (मोदी) पास नेहरू जी की तरह जनादेश नहीं है. नयी सरकार का रविवार को शपथ ग्रहण समारोह हुआ, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार ठीक है. लेकिन हमारी नेता ममता बनर्जी गत शनिवार को ही घोषणा कर चुकी हैं कि यह सरकार लंबे समय तक नहीं चल सकती. पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने 1962 में तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जब कांग्रेस ने 361 सीट पर जीत दर्ज की थी, जो 1957 के लोकसभा चुनाव में मिली सीट से 10 कम थी. इस चुनाव में मिली बढ़त से उत्साहित विपक्ष द्वारा संसद की कार्यवाही में निभायी जाने वाली भूमिका के बारे में पूछे जाने पर तृणमूल नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा : यदि सदन में उचित प्रबंधन होता, तो भूमिका अधिक रचनात्मक होगी. विपक्ष की भूमिका सकारात्मक रहेगी. हम अपने फैसले खुद लेंगे. हम (तृणमूल) भी ‘इंडिया’ गठबंधन के भागीदार हैं. यदि सदन में उचित प्रबंधन हो, तो विपक्ष की भूमिका अधिक रचनात्मक होगी.तृणमूल कांग्रेस ने इस बार लोकसभा में अपनी स्थिति में सुधार किया है और पश्चिम बंगाल की 42 में से 29 सीट पर जीत दर्ज की है. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बाद यह तीसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है. लोकसभा में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के 234 सांसद हैं, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के 293 सांसद हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >