एमटीपीएस में ब्रेकर फटने से इंजीनियर समेत पांच कर्मी घायल

गुरुवार को डीवीसी के मेजिया थर्मल पावर प्रोजेक्ट की यूनिट-2 का ब्रेकर फटने से डीवीसी के एक इंजीनियर और चार कार्यरत ठेकाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गये. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक इनमें से तीन की हालत गंभीर है. डीवीसी के वरिष्ठ मंडल अभियंता (इलेक्ट्रिकल) विजय मंडल, वार्षिक तौर पर रखरखाव के लिए दो अनुबंध कर्मचारी, बरजोरा के कमल गोस्वामी और बांकुड़ा के सुखेन बाउरी और दो सप्लाई मजदूर राहुल दास और ईश्वर डे घायल हो गये.

बांकुड़ा.

गुरुवार को डीवीसी के मेजिया थर्मल पावर प्रोजेक्ट की यूनिट-2 का ब्रेकर फटने से डीवीसी के एक इंजीनियर और चार कार्यरत ठेकाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गये. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक इनमें से तीन की हालत गंभीर है. डीवीसी के वरिष्ठ मंडल अभियंता (इलेक्ट्रिकल) विजय मंडल, वार्षिक तौर पर रखरखाव के लिए दो अनुबंध कर्मचारी, बरजोरा के कमल गोस्वामी और बांकुड़ा के सुखेन बाउरी और दो सप्लाई मजदूर राहुल दास और ईश्वर डे घायल हो गये. उनका घर गंगाजलघाटी थाने के घनश्यामपुर में है. घटना सुबह करीब 10:30 बजे बिजली परियोजना की यूनिट नंबर 2 के पावर हाउस की दूसरी मंजिल के एरिया 6.6 में हुई. घटना के बाद घायलों को तुरंत एमटीपीएस अस्पताल लाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद सभी पांच लोगों को दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया.

रखरखाव के लिए बंद थी यूनिट

परियोजना के ठेका श्रमिक संगठन की ओर से प्रणव कर्मकार एवं उज्ज्वल धांग ने कहा कि यूनिट नंबर 2 को ओवरहॉलिंग के कारण एक अगस्त से बंद कर दिया गया है. उसके रेनोवेशन का काम चल रहा था. डीवीसी इंजीनियरों ने ठेकेदारों को क्षेत्र में ब्रेकरों से निकलने वाली केबल लाइनों को साफ करने का निर्देश दिया था. जिसमें कार्बन और अन्य अशुद्धियां जमा हो गई थीं. उनके साथ डीवीसी के एक इंजीनियर भी थे. यह जानते हुए कि यूनिट शटडाउन है, काम किया जा रहा था. ब्रेकर डाउन करते ही उसमें विस्फोट हो गया.

जिसमें पांच लोग झुलस गये. इस घटना पर तृणमूल श्रमिक संगठन के बांकुड़ा जिला अध्यक्ष रथीन बनर्जी ने सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि यूनिट बंद होने का मतलब है कि बिजली आपूर्ति बंद है. पिछले 48 घंटे से काम चल रहा है, लेकिन गुरुवार को 2000 एमपीआर ब्रेकर में बिजली का कनेक्शन कैसे रह गया? रथीन बनर्जी ने इसके लिए डीवीसी अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है. डीवीसी के स्थायी कर्मचारी संघ के इंटक नेता अरिंदम बनर्जी, सीटू नेता सुमन गोस्वामी और कर्मचारी संघ के नेता विद्युत कर्मकार ने कहा कि डीवीसी में कर्मचारियों की नियुक्ति लंबे समय से बंद है. लगभग सभी कुशल कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं. परिणामस्वरूप, कारखानों को चलाने के लिए अनुबंध श्रमिकों पर निर्भर रहना पड़ता है. वे लंबे समय से तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं. लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा है. इस संबंध में डीवीसी से किसी भी अधिकारी ने कोई बयान नहीं दिया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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