भारतीय प्राणी सर्वेक्षण ने पैंगोलिन की नयी प्रजाति की खोज की

इंडो-बर्मी पैंगोलिन न केवल एशियाई पैंगोलिन के बारे में हमारी समझ को समृद्ध करता है बल्कि क्षेत्र-विशिष्ट संरक्षण प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर देता है.

एशियाई पैंगोलिन के बारे में समझ को करेगा समृद्ध

कोलकाता. भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआइ) विभाग के वैज्ञानिकों ने पैंगोलिन जीव की एक नयी प्रजाति की खोज की है, जो लगभग 34 लाख साल पहले चीनी पैंगोलिन (मैनिस पेंटाडैक्टाइला) से अलग हुई थी. जेडएसआइ ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इंडो-बर्मी पैंगोलिन (मैनिस इंडो-बर्मनिका) की खोज पैंगोलिन की उद्-विकास विविधता पर प्रकाश डालती है, जिस पर संभवतः इस क्षेत्र में व्यापक भू-जलवायु परिवर्तनों का प्रभाव हुआ. प्राणी सर्वेक्षण विभाग से संबद्ध मुकेश ठाकुर के नेतृत्व में किये गये अध्ययन में ‘माइटोकॉन्ड्रियल जीनोम’ का विश्लेषण करने के लिए अत्याधुनिक जीनोमिक उपकरणों का उपयोग किया गया. श्री ठाकुर ने कहा कि यह खोज छिपी हुई विविधता को उजागर करने में आधुनिक आनुवंशिक उपकरणों की शक्ति का एक प्रमाण है.

इंडो-बर्मी पैंगोलिन न केवल एशियाई पैंगोलिन के बारे में हमारी समझ को समृद्ध करता है बल्कि क्षेत्र-विशिष्ट संरक्षण प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर देता है.

कलकत्ता विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र लेनरिक कोंचोक वांग्मो ने भी इस शोध में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. वांग्मो ने कहा कि ऐसी महत्वपूर्ण खोज में योगदान देना सौभाग्य की बात है. यह प्रजाति पैंगोलिन संरक्षण में एक नया आयाम जोड़ती है, जो अवैध शिकार और निवास स्थान के क्षरण जैसे खतरों से उनके आवासों की रक्षा के महत्व पर प्रकाश डालती है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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