कहा- राज्य में लोकतंत्र नहीं
संवाददाता, बैरकपुरउत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने फरक्का बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत के बाद तृणमूल समर्थकों द्वारा उन्हें माला पहनाकर स्वागत किये जाने को लेकर राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिस राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद डीजी, पुलिस कमिश्नर और मुख्य सचिव को साथ लेकर केंद्रीय एजेंसी की जांच में बाधा देकर फाइल छीन ले गयीं, वहां आरोपियों की जमानत के बाद उन्हें माला पहनाया जाना कोई असामान्य बात नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि फरक्का के विधायक के नेतृत्व में बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ की गयी. लेकिन विधायक की गिरफ्तारी नहीं हुई? इस राज्य में लोकतंत्र नाम का चीज ही नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी “लूट” कर रही हैं, उनके पार्टी के कार्यकर्ता सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और वहीं मुख्यमंत्री सरकारी पैसे से मुकदमा लड़ रही हैं. आखिर ममता बनर्जी को क्यों नहीं गिरफ्तार किया जा रहा है?
अर्जुन सिंह के खिलाफ 10 थानों में दर्ज एफआइआर को हाइकोर्ट ने किया खारिज
बैरकपुर. कलकत्ता हाइकोर्ट से बैरकपुर के पूर्व सांसद व भाजपा नेता अर्जुन सिंह को बड़ी राहत मिली है. हाइकोर्ट ने अर्जुन सिंह के खिलाफ बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में दर्ज करायी गयी एफआइआर को खारिज कर दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान सरकार पक्ष की ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ. न्यायाधीश ने कहा कि यह पहली बार नहीं है. यह कहते हुए न्यायाधीश ने अर्जुन सिंह के खिलाफ नैहाटी, हालीशहर सहित 10 थानों में दर्ज मामलों को खारिज कर दिया. गौरतलब है कि पूर्व सांसद ने नेपाल में विरोध प्रदर्शन के बाद पश्चिम बंगाल में भी इस प्रकार के प्रदर्शन होने की बात कही थी. इसे लेकर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं द्वारा विभिन्न स्थानों में एफआइआर दर्ज करायी गयी थी. इन्हें खारिज करने की मांग करते हुए अर्जुन सिंह ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
