बंगाल विधानसभा में यूनिवर्सिटी संशोधन बिल पास, शुभेंदु बोले- तबादला नीति से नाखुश लोग नौकरी छोड़ने को स्वतंत्र

Bengal University Amendment Bill 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विश्वविद्यालय एवं कॉलेज संशोधन विधेयक 2026 पास. अब यूनिवर्सिटीज के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ का होगा ट्रांसफर. जानें सीएम शुभेंदु अधिकारी ने असंतुष्टों से क्या कहा.

Bengal University Amendment Bill 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा ने बृहस्पतिवार को एक संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया. बिल के पास हो जाने के बाद अब सरकार राज्य के एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के तबादले कर सकेगी. पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय एवं कॉलेज (प्रशासन और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को राज्य मंत्रिमंडल ने 8 सितंबर को मंजूरी दी थी.

टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ का होगा तबादला

अधिकारियों ने बताया कि इस संशोधन विधेयक में वर्ष 2017 के मौजूदा कानून की धारा 14ए में एक नया प्रावधान जोड़ने का प्रस्ताव था, जिसके तहत जरूरत पड़ने पर टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ का एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में तबादला किया जा सके.

जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने पेश किया संशोधन बिल

यह विधेयक उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पेश किया. विधेयक पेश किये जाने के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित कानून के जरिये ‘कथित विद्वानों’ को नये स्थापित संस्थानों में भेजा जायेगा, जिससे इन संस्थानों को लाभ मिलेगा.

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शोध परियोजनाओं पर नहीं होगा कोई असर : सीएम

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा- यह विधेयक संस्थानों की स्वायत्तता और सरकार के प्रति उनकी जवाबदेही के बीच संतुलन बनायेगा. इससे पीएचडी की निगरानी और शोध परियोजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. जो लोग विधेयक के प्रावधानों से असंतुष्ट हैं, वे अपनी नौकरी छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं.

कई अनुभवी प्रोफेसरों को नये विश्वविद्यालयों में भेजा जायेगा. वे इन विश्वविद्यालयों को यह तय करने में मार्गदर्शन देंगे कि बुनियादी ढांचा कैसा होना चाहिए, कक्षाएं किस तरह संचालित की जाएं और संस्थानों को उत्कृष्टता के केंद्र में कैसे बदला जाये. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

सीएम ने कहा- जरूरी था संशोधन

यह पूछे जाने पर कि मौजूदा कानून में संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी, शुभेंदु अधिकारी ने कहा- यह जरूरी था. ऐसी वास्तविक हकीकतें हैं, जिसके कारण इस विधेयक की आवश्यकता पड़ी.

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झारग्राम और कूचबिहार जैसे जिलों में भेजे जायेंगे अनुभवी शिक्षक

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन ‘अनुभवी शिक्षकों’ को झारग्राम और कूचबिहार जैसे जिलों में स्थापित नये विश्वविद्यालयों में स्थानांतरित किया जायेगा. इससे विश्वविद्यालयों के बीच मानव संसाधनों का आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा.

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By मिथिलेश झा

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