भगवा हुईं पश्चिम बंगाल की सरकारी बसें, सत्ता के साथ यहां चलता रहा रंगों का सफर

पश्चिम बंगाल में सरकारी बसों का रंग बदलना सत्ता की राजनीति का प्रतीक बन गया है. लाल, नीला और अब भगवा - हर रंग सत्ता परिवर्तन की कहानी कहता है. जानें इस नए बदलाव के पीछे की कहानी.

कोलकाता. लाल, नीला और अब भगवा. बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ सरकारी बसों का रंग भी बदलते रहे हैं. वाम मोर्चा शासन के दौरान लाल रंग की पहचान रखने वाली सरकारी बसें और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में नीले-सफेद रंग में चलने वाली बसें अब भाजपा सरकार के दौरान भगवा-सफेद रंग में नजर आने लगी हैं.

इस रूट से शुरू हुई भगवा रंग की बसें

नई रंग योजना की शुरुआत हाल में सोनारपुर से न्यूटाउन के इको स्पेस के बीच शुरू की गई एसी-58 एसी बस सेवा से हुई. इसके बाद दक्षिण 24 परगना के घटकपुर से हावड़ा के सांतरागाछी के बीच शुरू हुई निजी बस सेवा में भी भगवा-सफेद रंग का इस्तेमाल किया गया.

अब तक औपचारिक घोषणा नहीं

पश्चिम बंगाल राज्य परिवहन निगमों की अन्य बसों को भी इसी रंग में रंगने का काम जारी है. यात्रियों के ई-टिकट पर मौजूद डिजिटल वाटरमार्क का रंग भी नीले से बदलकर भगवा कर दिया गया है. हालांकि, परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बसों की रंग योजना को स्थायी रूप से बदलने संबंधी कोई औपचारिक सरकारी नीति अभी घोषित नहीं की गई है.

भगवा हुईं बंगाल की सरकारी बसें

परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि यह बदलाव केवल रंग का नहीं, बल्कि आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की नई पहचान का प्रतीक है. उनके अनुसार, यह राज्य में सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण और नई शुरुआत को दर्शाता है.

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यात्रियों रंग से ज्यादा सेवा की चाहत

परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि सरकार को रंग बदलने के बजाय बसों की संख्या बढ़ाने, चालकों और रखरखाव कर्मियों की कमी दूर करने तथा सेवाओं को अधिक समयबद्ध बनाने पर ध्यान देना चाहिए. दैनिक यात्रियों का भी कहना है कि बस का रंग नहीं, बल्कि उसकी उपलब्धता और समय पर सेवा अधिक महत्वपूर्ण है.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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