दुर्गा पूजा अनुदान नीति में होगा बदलाव, 10 लाख से कम बजट वाले क्लबों को ही मदद देगी शुभेंदु अधिकारी सरकार!

Bengal Durga Puja Grant Rules: पश्चिम बंगाल सरकार दुर्गा पूजा अनुदान नीति बदलने जा रही है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी केवल 10 लाख रुपए से कम बजट वाली छोटी समितियों को वित्तीय सहायता देने पर विचार कर रहे हैं.

Bengal Durga Puja Grant Rules: अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा उत्सव दुर्गा पूजा शुरू होने जा रहा है. मई में नयी सरकार के गठन के बाद राज्य में यह पहला शारदोत्सव होगा. प्रदेश के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कह दिया है कि ममता बनर्जी सरकार की तरह राज्य की सभी दुर्गा पूजा समितियों को एक समान वित्तीय अनुदान (Puja Grant) अब नहीं मिलेगा. सरकार केवल उन समितियों को आर्थिक सहायता देने पर विचार कर रही है, जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है.

10 लाख से कम बजट वाली समितियों पर फोकस

पश्चिम बंगाल के सचिवालय ‘नबान्न’ के सूत्रों से जानकारी मिली है कि शुभेंदु अधिकारी की सरकार केवल उन पूजा समितियों को अनुदान देने पर विचार कर रही है, जिनका कुल बजट 10 लाख रुपए से कम है. हालांकि, इस पर अंतिम मुहर लगाने से पहले मुख्यमंत्री वित्त विभाग के साथ बैठक करेंगे.

ममता बनर्जी सरकार सभी समितियों को देती थी मदद

वर्ष 2025 तक पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार यानी ममता बनर्जी की सरकार राज्य की सभी पुलिस-अनुमोदित पूजा समितियों को 1,10,000 रुपए का अनुदान देती थी. यह सहायता वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान 50,000 रुपए से शुरू हुई थी. इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 1.10 लाख रुपए कर दिया गया. लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री ने इस नीति को बदलते हुए केवल जरूरतमंद क्लबों को ही मदद देने का फैसला किया है.

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‘फोरम फॉर दुर्गोत्सव' के प्रतिनिधियों संग सीएम की बैठक

हाल ही में नबान्न में कोलकाता की पूजा समितियों के संगठन फोरम फोर दुर्गोत्सव (Forum for Durgotsab) के प्रतिनिधियों अंजन वकील (बालीगंज कल्चरल) और संदीपन बनर्जी (बेहाला नूतन दल) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. इस बैठक में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री इंद्रनील खां भी मौजूद थे. बैठक में मुख्य सड़कों व गलियों की पूजा व्यवस्था, बिजली बिलों में छूट, होर्डिंग्स पर नगर निगम टैक्स में राहत और पूजा अनुदान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि संबंधित विभागों से विचार-विमर्श के बाद इस महीने के अंत तक बैठक कर अंतिम निर्णय की घोषणा कर दी जायेगी.

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छोटे क्लबों में जगी उम्मीद, बजट और थीम में बदलाव

  • सरकार के इस नये रुख से कोलकाता के छोटे पूजा क्लबों में उम्मीद की किरण जगी है. हालांकि, अंतिम फैसले में देरी के कारण कई छोटी समितियां अपना बजट तय नहीं कर पा रही हैं. लागत कम करने के लिए कुछ आयोजकों को थीम और थीम-आर्टिस्ट तक बदलने पड़े हैं.
  • उत्तर कोलकाता में पूजा का आयोजन करने वाली प्रसिद्ध संस्था ‘टाला प्रत्यय’ के अधिकारी देबाशीष सोम ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है. उन्होंने कहा है कि वे अपने संसाधनों से पूजा का आयोजन करेंगे. वह छोटे क्लबों को मदद का समर्थन करते हैं.
  • छोटे आयोजकों में दक्षिण कोलकाता के ‘बेहाला साहपुर सांगठनिक क्लब’ के सदस्य मैनाक चटर्जी ने बताया कि उनकी पूजा का बजट 5 लाख रुपए से भी कम है. यदि सरकारी मदद मिलती है, तो वे आयोजन को और बेहतर बना सकेंगे.

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By मिथिलेश झा

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