यूपी-बिहार के जवान संभालेंगे बंगाल में मोर्चा, 3000 अतिरिक्त फोर्स तैनात, आईपीएस सुप्रतिम सरकार की अर्जी खारिज

WB Election 2026: बंगाल चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने यूपी और बिहार से 3000 अतिरिक्त जवान बुलाये हैं. ममता बनर्जी के करीबी आईपीएस अधिकारी और कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार की अर्जी को खारिज कर उन्हें तमिलनाडु में चार्ज लेने को कहा गया है.

WB Election 2026: बंगाल चुनाव 2026 को भयमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ा फैसला लिया है. आयोग ने राज्य में पहले से मौजूद भारी सुरक्षा घेरे को और मजबूत करने के लिए अन्य राज्यों से 3,000 अतिरिक्त सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात करने का निर्णय लिया है. सोमवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस रणनीति की जानकारी साझा की.

उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश से आयेगी फोर्स

इलेक्शन कमीशन के अधिकारी के अनुसार, चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बलों का एक बड़ा दस्ता उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों से बुलाया जायेगा. यह अतिरिक्त बल 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए तैनात केंद्रीय बलों की मदद करेंगे. जवानों का यह दल 13 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से बंगाल पहुंचने लगेगा. आयोग ने राज्य में केंद्रीय बलों की 2,400 कंपनियों की तैनाती का खाका पहले ही तैयार कर लिया है.

कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार को झटका

निर्वाचन आयोग ने कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त सुप्रतिम सरकार के अनुरोध को ठुकरा दिया है. ममता बनर्जी के करीबी आईपीएस अधिकारी सुप्रतिम सरकार ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए तमिलनाडु में पुलिस पर्यवेक्षक (Police Observer) की जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग की थी.

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ममता बनर्जी के करीबी आईपीएस को सख्त आदेश

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के करीबी पुलिस ऑफिसर सुप्रतिम सरकार की अर्जी खारिज करते हुए उन्हें सोमवार तक कार्यभार संभालने का सख्त निर्देश दिया है. उन्हें तमिलनाडु के तिरुनेलवेली, अम्बासमुद्रम और राधापुरम सहित कई निर्वाचन क्षेत्रों की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है. आयोग ने साफ कर दिया है कि इस बार बंगाल में निष्पक्ष चुनाव कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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By Mithilesh Jha

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