घंटों की बारिश से शहर में जलजमाव, सड़कों की दुर्दशा से स्थिति बदतर

गुरुवार रात से हुई भारी बारिश ने हावड़ा शहर के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है, जिससे निचले इलाकों में स्थिति बद से बदतर हो गयी है.

25 से अधिक वार्ड जलमग्न, हुगली नदी का जलस्तर बढ़ने से परेशानी बढ़ी

संवाददाता, हावड़ा.

गुरुवार रात से हुई भारी बारिश ने हावड़ा शहर के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है, जिससे निचले इलाकों में स्थिति बद से बदतर हो गयी है. उत्तर, मध्य, दक्षिण और शिवपुर विधानसभा के अधिकतर इलाके, साथ ही बाली, बेलूड़ और लिलुआ क्षेत्र भी पानी में डूब गये हैं. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका है. सड़कों पर पानी भरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और दुकानों में पानी घुसने से व्यवसाय ठप पड़ गया है. यह स्थिति तब है, जब पिछले साल नबान्न में हुई प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद जल निकासी की लचर व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की थी. शहरवासियों को इस नारकीय स्थिति से कब निजात मिलेगी, इसका जवाब हावड़ा नगर निगम के पास नहीं है. निगम के कुल 50 वार्डों में से 25 से अधिक वार्ड पानी में डूब गये हैं और पानी निकालने के लिए विभिन्न जगहों पर कुल 70 पंप लगाये गये हैं.

जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी जारी रही. घंटों की बारिश के कारण बेलगछिया, बामनगाछी, सलकिया, घुसुड़ी सहित उत्तर हावड़ा के अन्य इलाकों में घुटने भर पानी जम गया है. वहीं, मध्य हावड़ा में पंचान्नतला रोड, बेलिलियस रोड, बेलिलियस लेन, टिकियापाड़ा और बाईपास के आसपास भी घुटनों तक पानी जमा है. जलजमाव के साथ-साथ सड़कों की बदहाली ने परेशानी को और बढ़ा दिया है. जीटी रोड (दक्षिण से उत्तर), ईएम बाइपास, बनारस रोड, घुसुड़ी सहित अन्य इलाकों में सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गये हैं.

इस बारे में पूछे जाने पर निगम के प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुजय चक्रवर्ती ने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले सड़कों की मरम्मत की गयी थी, लेकिन बारिश के कारण मरम्मत कार्य रोक दिया गया है. उन्होंने बताया कि काम बारिश का मौसम खत्म होने के बाद ही फिर से शुरू होगा. उन्होंने यह भी कहा कि हुगली नदी में जलस्तर बढ़ने की वजह से जल-जमाव की समस्या से उबर पाना संभव नहीं हो पा रहा है और पंप लगाकर स्थिति को ठीक करने की कोशिश की जा रही है. शहर के सामने अब चुनौती यह है कि अगर आने वाले दिनों में और बारिश होती है, तो यह जल-जमाव और सड़कों की खराब स्थिति कैसे संभाली जायेगी.

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