रविवार सुबह छह बजे से दोपहर तक बंद रहेगा विद्यासागर सेतु

रविवार (23 नवंबर) को विद्यासागर सेतु एक बार फिर आठ घंटे के लिए पूरी तरह बंद रहेगा. कोलकाता ट्रैफिक पुलिस ने अधिसूचना जारी कर बताया है कि सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक ब्रिज पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी जायेगी.

संवाददाता, कोलकाता

रविवार (23 नवंबर) को विद्यासागर सेतु एक बार फिर आठ घंटे के लिए पूरी तरह बंद रहेगा. कोलकाता ट्रैफिक पुलिस ने अधिसूचना जारी कर बताया है कि सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक ब्रिज पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी जायेगी. इस दौरान सभी गाड़ियां वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट की जायेंगी. ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, एजेसी बोस रोड से जिरात आइलैंड होते हुए विद्यासागर सेतु की ओर जाने वाली गाड़ियां हेस्टिंग्स क्रॉसिंग से सेंट जॉर्ज गेट रोड-स्ट्रैंड रोड के रास्ते टर्फव्यू से हावड़ा ब्रिज भेजी जायेंगी. कुछ वाहनों को हेस्टिंग्स क्रॉसिंग से दायें मुड़कर केपी रोड की ओर भी मोड़ा जायेगा. इसी तरह, केपी रोड से जे एंड एन आइलैंड की ओर आने वाले वाहनों को हेस्टिंग्स क्रॉसिंग से 11 फर्लांग गेट होते हुए सेंट जॉर्ज गेट रोड-स्ट्रैंड रोड के माध्यम से हावड़ा ब्रिज की तरफ मोड़ा जायेगा. वहीं, खिदिरपुर से सीजीआर रोड के रास्ते विद्यासागर सेतु की ओर जाने वाली गाड़ियों को भी हेस्टिंग्स क्रॉसिंग से बाएं मुड़कर सेंट जॉर्ज गेट रोड-स्ट्रैंड रोड होते हुए हावड़ा ब्रिज भेजा जायेगा.

ब्रिज विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े ब्रिज पर लगातार 25 वर्षों तक भारी वाहनों की आवाजाही होने के बाद मेंटेनेंस अनिवार्य हो जाता है, अन्यथा गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए एचआरबीसी ने विशेषज्ञों की एक टीम बनाकर मरम्मत कार्य शुरू किया है. विद्यासागर सेतु (सेकंड हुगली ब्रिज) पर कुल 150 स्टे केबल हैं, जिनमें शुरुआती चरण में कुछ को बदलने का काम चल रहा है. हर रविवार को ब्रिज बंद रहने से लोगों को परेशानी भी हो रही है. साथ ही कई लोगों ने यह सवाल उठाया है कि काम रात के समय क्यों नहीं किया जा रहा है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों और भारी मशीनरी के उपयोग के चलते यह कार्य दिन में ही संभव है. विद्यासागर सेतु 823 मीटर लंबा है और यह देश का सबसे लंबा केबल-स्टे ब्रिज माना जाता है. इसका निर्माण 27 वर्ष पहले पूरा हुआ था. स्टे केबल, होल्डिंग डाउन केबल, डेक स्लैब और एक्सपेंशन जॉइंट जैसे प्रमुख हिस्सों की उम्र भी 25 साल पूरी होने के बाद अब इन्हें बदलना जरूरी हो गया है, जिसके चलते यह विस्तृत रेनोवेशन कार्य किया जा रहा है.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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