कोलकाता. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा में स्थित जगन्नाथ मंदिर को ‘धाम’ कहने पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है. विहिप ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि यह पवित्र उपाधि केवल ओडिशा के पुरी के प्राचीन जगन्नाथ मंदिर के लिए आरक्षित है. याचिका में इस मंदिर को ‘धाम’ कहने पर आपत्ति जतायी गयी है और इसके फंडिंग और संचालन को भी चुनौती दी गयी है. मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल की खंडपीठ ने यह जनहित याचिका को खारिज कर दिया. मंगलवार को हाइकोर्ट में सुनवाई के दौरान जनहित याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता ने अदालत से मामले की सुनवाई स्थगित करने का आवेदन किया. हालांकि, इससे पहले भी याचिकाकर्ता के अनुरोध पर अदालत सुनवाई कई बार स्थगित कर चुकी है. अदालत ने याचिकाकर्ता को मामले में अतिरिक्त हलफनामा जमा करने का अवसर दिया गया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया.
मामले में इसी देरी के कारण अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि दस्तावेज जमा करने के लिए कितनी बार आखिरी मौका दिया जायेगा? अगर आप बार-बार आखिरी मौका देने की बात कहेंगे, तो आखिरी शब्द अपना अर्थ ही समाप्त हो जायेगा. हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहे, तो पूरे दस्तावेजों के साथ एक नया मामला दायर कर सकता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
