मेंटनेंस के नाम पर सड़क खोद कर चुराते थे केबल तार

सड़क खोद कर बीएसएनएल का केबल तार चुराने के आरोप में पुलिस ने एक गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है.

10 दबोचे गये, हरिदेवपुर थानाक्षेत्र में बीएसएनएल के विभागीय इंजीनियर ने दर्ज करायी थी शिकायत

सड़क खोद कर गिरोह करता था चोरी, उन रास्तों के दोनों छोर पर लगा देते थे नो एंट्री का बोर्ड

संवाददाता, कोलकाताहरिदेवपुर इलाके में एक सड़क के दोनों तरफ नो एंट्री का बोर्ड लगा हुआ है. पास ही बीएसएनएल की तरफ से सड़क पर केबल बिछाने का बोर्ड लगी गाड़ी भी खड़ी है. बीच रास्ते पर टेलीफोन की लाइन बिछाने के नाम पर सड़क खोदी जा रही है. इंजीनियर भी रोड मैप के साथ खड़े हैं और ठेकेदार को निर्देश दे रहे हैं कि वे जल्दी काम पूरा करें. उनके निर्देश पर कर्मचारी काम भी तुरंत कर रहे हैं. कुछ इसी तरीके से महानगर की सड़कों पर सड़क खोद कर बीएसएनएल का केबल तार चुराने के आरोप में पुलिस ने एक गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार सभी आरोपी बिहार के छपरा, अररिया और बेगूसराय के रहने वाले हैं. इन्हें अलीपुर अदालत में पेश किया गया, जहां से पांच को 15 जनवरी तक एवं अन्य पांच आरोपियों को 18 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है.

कैसे हुआ खुलासा: पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले बीएसएनएल के बेहला और जोका डिविजनल इंजीनियर ने हरिदेवपुर थाने में शिकायत की थी. इसमें कहा गया था कि इलाके में देर रात जमीन खोद कर बीएसएनएल के ऑप्टिकल फाइबर और कॉपर वायर की चोरी की जा रही है. पहले भी कई बार जमीन से केबल की चोरी हो चुकी है. लेकिन जमीन खोद कर उसकी चोरी करना अलग मामला है. पुलिस ने अनुमान लगाया कि बीएसएनएल के रोडमैप, वाइब्रेटर उपकरण और पेशेवर श्रमिकों के बिना यह काम संभव नहीं है. हरिदेवपुर में पुलिस की टीम ने रात में कहां खुदाई हो रही है, इसकी जांच शुरू की. कुछ स्थानों पर, पुलिस ने ठेकेदारों को वैध परमिट के साथ सड़कों पर काम करते देखा. हॉस्पिटल सप्लाई व बीएसएनएल इमरजेंसी वर्क की गाड़ी देख हुआ संदेह: देर रात एक जगह सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी को देखकर पुलिस को संदेह हुआ. सड़क के दोनों क्षोर पर नो एंट्री का बोर्ड लगाकर वहां खुदाई का काम चल रहा था. जो गाड़ी खड़ी थी, उस पर हॉस्पिटल सप्लाई का बोर्ड लगा था. पुलिस ने खुदाई कर रहे श्रमिकों के पास खड़े इंजीनियरों और ठेकेदारों से वैध कागजात देखना चाहा. इस पर वे कागजात दिखाने के बजाय पुलिस को समझाने की कोशिश करने लगे. मौके से कुछ लोग भागने का प्रयास भी करने लगे. इसके बाद पुलिस ने सभी 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

हैदराबाद में भी इसी तरह की घटना को दे चुके हैं अंजाम

पुलिस को जांच में पता चला कि गिरफ्तार किये गये लोग बिहार के छपरा, अररिया और बेगूसराय के रहने वाले हैं. अधिक पैसों का लालच देकर बिहार के विभिन्न जिलों से उन्नत श्रमिकों को कोलकाता लाया गया था. इस गिरोह के 14 सदस्यों को हैदराबाद में हयातनगर में 25 किलोमीटर की सड़क पर 300 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बाद पकड़ा गया था. पुलिस इस गिरोह के सरगनाओं की तलाश में बिहार में छापेमारी कर सकती है.

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By Prabhat khabar news desk

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