नितिन नवीन ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस सरकार पर घुसपैठ को संरक्षण देकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाया.
By AKHILESH KUMAR SINGH | Updated at :
भाजपा अध्यक्ष ने दुर्गापुर में की जनसभा, घुसपैठ के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस पर साधा निशाना
संवाददाता, कोलकाताभाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस सरकार पर घुसपैठ को संरक्षण देकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता परिवर्तन का अनुरोध भी किया. पार्टी अध्यक्ष पद संभालने के बाद पश्चिम बंगाल के अपने पहले दौरे के दौरान दुर्गापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नवीन ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस जानबूझकर राज्य की जनसांख्यिकी बदलने और ‘बंगाल को बांग्लादेश बनाने’ का प्रयास कर रही है, जिसे उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया. उन्होंने कहा: एक ओर निर्वाचन आयोग घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं को हटाने के लिए दृढ़ संकल्पित है, दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस सरकार भय का माहौल बनाकर और गलत सूचना फैलाकर एसआइआर प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश कर रही है.
बंगाल को बांग्लादेश में मिलाने नहीं देंगे : भाजपा अध्यक्ष
नितिन नवीन ने तृणमूल के इस आरोप को खारिज कर दिया कि चुनाव आयोग आम लोगों को परेशान कर रहा है. उन्होंने कहा कि लोगों को परेशान चुनाव आयोग नहीं, बल्कि तृणमूल सरकार के एसडीओ और बीडीओ कर रहे हैं जो भय पैदा करने व निर्वाचन आयोग को बदनाम करने के लिए ऐसा कर रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि वे अस्थायी सरकार के इशारे पर काम न करें. जनसांख्यिकीय बदलाव के मुद्दे को ऐतिहासिक व वैचारिक संदर्भ में पेश करते हुए नवीन ने जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पूर्वी पाकिस्तान में विलय के प्रयासों का मुखर्जी द्वारा विरोध किये जाने के कारण ही बंगाल आज अपने वर्तमान स्वरूप में मौजूद है. नवीन ने दावा किया कि आज भी इसी तरह की ताकतें सक्रिय हैं.भाजपा अध्यक्ष ने कहा: जो लोग बंगाल की मिट्टी की संतान नहीं हैं, वे यहां अधिकार का दावा नहीं कर सकते. भाजपा कार्यकर्ता किसी भी तरह का बलिदान देने को तैयार हैं, लेकिन हम बंगाल को बांग्लादेश में मिलाने नहीं देंगे. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से ‘घुसपैठ’ के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया.