तृणमूल छात्र नेता को किया पांच साल के लिए प्रतिबंधित

इस कार्रवाई से उन्हें विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी शैक्षणिक गतिविधियों से प्रभावी रूप से प्रतिबंधित किया गया.

कोलकाता. कलकत्ता विश्वविद्यालय (सीयू) ने तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के महासचिव अभिरूप चक्रवर्ती को यूनिवर्सिटी की कार्यवाहक कुलपति शांता दत्ता के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए गुरुवार को पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया. इस कार्रवाई से उन्हें विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी शैक्षणिक गतिविधियों से प्रभावी रूप से प्रतिबंधित किया गया. दत्ता ने बताया कि सीयू की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था सिंडिकेट की एक विशेष बैठक में एक वीडियो क्लिप पर गौर किया गया, जिसमें 26 अगस्त को विश्वविद्यालय गेट के बाहर कुलपति के खिलाफ चक्रवर्ती द्वारा भाषण में कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए वीडियो को 26-27 अगस्त को कई स्थानीय समाचार चैनलों पर भी प्रसारित किया गया और इस वीडियो में चक्रवर्ती को दत्ता की शैक्षणिक साख पर सवाल उठाते हुए देखा गया तथा आरोप लगाया गया कि वह 28 अगस्त को निर्धारित स्नातक सेमेस्टर परीक्षाओं को पुनर्निर्धारित करने से इनकार करके प्रतिशोधात्मक तरीके से काम कर रही हैं.टीएमसीपी का स्थापना दिवस 28 अगस्त को था. हालांकि, प्रभात खबर स्वतंत्र रूप से वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका.

दत्ता ने कहा, ‘सिंडिकेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कुलपति के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने पर चक्रवर्ती के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाये. इससे मुझे तो ठेस पहुंची ही साथ ही कुलपति पद की गरिमा को भी चोट पहुंची. अब वह विश्वविद्यालय का छात्र नहीं हैं, लेकिन फिर भी उसे इस अवधि के दौरान यहां की शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ने की अनुमति नहीं दी जायेगी.

विश्वविद्यालय के नये फैसले को सुन कर अभिरूप भड़के हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया : मेरे शिक्षा के अधिकार का हनन किया जा रहा है. तृणमूल छात्र परिषद का सदस्य होने के कारण यह बदले की कार्रवाई की गयी है. मैं हाइकोर्ट जाऊंगा.

इस निर्णय के बारे में पूछे जाने पर शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने संवाददाताओं से कहा: मुझे उम्मीद है कि अगले पूर्णकालिक कुलपति के कार्यभार संभालने के बाद इस निर्णय को रद्द कर दिया जायेगा. दत्ता पर ‘किसी और के शब्दों को दोहराने’ का आरोप लगाते हुए बसु ने कहा: वह बदले की भावना से काम कर रही हैं जो चिंताजनक है. टीएमसीपी ने विश्वविद्यालय से परीक्षाएं स्थगित करने का आग्रह किया था और तर्क दिया था कि 28 अगस्त छात्रसंघ का स्थापना दिवस है जिसे पारंपरिक रूप से बड़ी सभाओं और जुलूसों के साथ मनाया जाता है.

दबाव के आगे झुकने से इनकार करते हुए दत्ता ने कहा कि सीयू की विशेष सिंडिकेट बैठक में सर्वसम्मति से 28 अगस्त को होने वाली परीक्षा को स्थगित न करने का निर्णय लिया गया.

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Published by: Sandip tiwari

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