गांधीनगर में दूषित पानी का मामला
100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती जनस्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाये गंभीर सवाल
संवाददाता, कोलकाताभाजपा शासित गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पेयजल पीने से 100 से अधिक लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र और गुजरात सरकार पर तीखा हमला बोला है. रविवार को तृणमूल ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बुनियादी जनस्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है, जिसका खामियाजा आम लोगों को अपनी सेहत से चुकाना पड़ रहा है. तृणमूल कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि गांधीनगर में पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन में सीवेज मिल जाने से यह भयावह स्थिति उत्पन्न हुई. पार्टी ने सवाल उठाया कि ‘मॉडल गवर्नेंस’ का दावा करने वाली भाजपा सरकार में पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी सुरक्षित क्यों नहीं है. साथ ही पूछा गया कि पाइपलाइन के रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी और लीकेज की अनदेखी क्यों की गयी. तृणमूल नेताओं का कहना है कि यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है. इससे पहले इंदौर सहित अन्य भाजपा शासित शहरों में भी दूषित पानी से लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आ चुकी हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े प्रचार और खोखले दावों से जमीनी सच्चाई को नहीं छिपाया जा सकता. तृणमूल ने स्पष्ट किया कि जनता को स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. इसमें विफलता सीधे तौर पर शासन की नाकामी को दर्शाती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
