सोनाली की वापसी को लेकर केंद्र पर तृणमूल कांग्रेस का हमला

तृणमूल इसे अपनी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की जीत बता रही है.

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस ने सोनाली खातून और उनके नाबालिग पुत्र की भारत वापसी को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है. तृणमूल के राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम ने दावा किया कि गरीब बंगाली माताओं और बेटियों पर हो रहे अत्याचारों की असल तस्वीर इस मामले से उजागर हो गयी है. उनके अनुसार, सोनाली खातून को जून में गर्भावस्था के दौरान जबरन देश से बाहर भेज दिया गया था और छह महीने तक उन्हें अमानवीय यातना झेलनी पड़ी. अब जब वह लौट आयी हैं, तृणमूल इसे अपनी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की जीत बता रही है.इस्लाम ने आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद केंद्र सरकार ने दो दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की. उनके मुताबिक, केंद्र की उदासीनता ने मामले को और उलझा दिया. स्थिति बिगड़ने पर तृणमूल की ओर से अधिवक्ताओं को सर्वोच्च न्यायालय में फिर से गुहार लगानी पड़ी और उसी हस्तक्षेप के बाद सोनाली की वापसी संभव हो सकी. इस्लाम ने कहा कि गरीब और वंचित लोगों के हितों की रक्षा करने का दावा करने वाली केंद्र सरकार वास्तव में संवेदनशील मुद्दों पर चुप रहती है. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ने सोनाली के साथ खड़े होकर यह साबित किया है कि बंगाल किसी नागरिक को बेसहारा नहीं छोड़ता. तृणमूल का कहना है कि यह मामला उन शक्तियों की असलियत दिखाता है, जिन्हें वह ‘बंगाल-विरोधी जमींदार’ कहती रहीं हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >