””भ्रष्टाचार के सहारे फल-फूल रही तृणमूल””

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के सहारे फूलने-फलने का आरोप लगाया और कहा कि करोड़ों रुपये के स्कूल नियुक्ति घोटाले में ‘कट मनी’ के तार सीधे उसके शीर्ष नेताओं से जुड़े हुए हैं.

कोलकाता.

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के सहारे फूलने-फलने का आरोप लगाया और कहा कि करोड़ों रुपये के स्कूल नियुक्ति घोटाले में ‘कट मनी’ के तार सीधे उसके शीर्ष नेताओं से जुड़े हुए हैं.

भाजपा नेता का आरोप लगाया कि एसएससी (स्कूल सेवा आयोग) नियुक्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवन कृष्ण साहा की गिरफ्तारी के एक दिन बाद आया है. साहा को इस मामले में 2023 में सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था. 13 महीने जेल में बिताने के बा��� वह अप्रैल में जमानत पर रिहा हुए थे. श्री अधिकारी ने संवाददाता सम्मेलन में, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ साहा की एक तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि यह 12 अगस्त को खींची गयी थी. शुभेंदु ने आरोप लगाया : पैसे एकत्र करने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने एक या दो लाख रुपये अपने पास रख लिये और बाकी कालीघाट भेज दिये गये. यह केवल जीवन कृष्ण या पार्थ चटर्जी की बात नहीं है, पूरी तृणमूल कांग्रेस चोरों की पार्टी है. तृणमूल की हालिया संगठनात्मक बैठक पर कटाक्ष करते हुए श्री अधिकारी ने दावा किया कि यह पार्टी की रणनीति के बारे में नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के पैसे का हिसाब-किताब करने के बारे में थी. उन्होंने राज्य के 2.15 करोड़ बेरोजगार युवाओं से 2026 के विधानसभा चुनावों को परिवर्तन के औजार के रूप में उपयोग करने’ का आग्रह किया और वादा किया कि भाजपा सरकार गलत तरीके से अर्जित संपत्तियों को जब्त करेगी, उन्हें सरकारी खजाने में लौटायेगी और वार्षिक एसएससी परीक्षा, विकेंद्रीकृत नियुक्ति, ‘कार्बन कॉपी’ के साथ ओएमआर-आधारित परीक्षा और निष्पक्ष आरक्षण नीतियों के साथ भर्ती प्रक्रिया में सुधार करेगी.

विवाद को और तूल देते हुए, जीवन साहा के पिता विश्वनाथ साहा ने यह सनसनीखेज दावा किया कि उनके बेटे ने विधायक बनने के बाद ही ‘अत्यधिक अवैध संपत्ति’ अर्जित की.

तृणमूल ने आरोपों को किया खारिज

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने शुभेंदु अधिकारी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता कर खारिज कर दिया. पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने भ्रष्ट लोगों की नियुक्ति करके भ्रष्टाचार से लड़ने की कला में महारत हासिल कर ली है. उन्होंने कहा कि एक तस्वीर साझा करने से कुछ साबित नहीं होता. (उद्योगपति) नीरव मोदी और विजय माल्या की भी भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ तस्वीरें हैं. क्या इसका मतलब यह है कि भाजपा नेताओं को उनकी लूट में हिस्सा मिला?

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Published by: Bijay kumar

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