खास बातें
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में लीडर ऑफ ऑपोजीशन शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर एक एसआईआर हियरिंग सेंटर पर हंगामा करने का आरोप लगाया. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उत्तर 24 परगना जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) सेंटर पर कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश की गयी. ऐसा करने वाले तृणमूल कांग्रेस के सपोर्टर थे.
तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों का किया खंडन
तृणमूल कांग्रेस ने शुभेंदु अधिकारी के इस आरोप का खंडन किया है. रूलिंग पार्टी ने दावा किया कि आम लोग बंगाल चुनाव 2026 से ठीक पहले शुरू की गयी एसआईआर की प्रक्रिया से नाराज हैं. इसलिए वे जगह-जगह इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं.
शुभेंदु का दावा – टीएमसी के एंटी सोशल एलीमेंट्स ने बीडीओ ऑफिस में किया हंगामा
इससे पहले, शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. इसमें दावा कि तृणमूल कांग्रेस के ‘एंटी सोशल एलीमेंट्स’ ने फरक्का और चाकुलिया की तरह बादुरिया प्रखंड कार्यालय में हंगामा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने एसआईआर सुनवाई के दौरान परिसर में तोड़फोड़ की और अधिकारियों को धमकाया.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो
शुभेंदु अधिकारी ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कुछ गुस्साये लोग बीडीओ कार्यालय के कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करते दिख रहे हैं. ऑफिसर उन्हें शांत करने की कोशिश करते दिख रहे हैं. प्रभात खबर वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं करता.
सरकार ने हियरिंग सेंटर से जान-बूझकर हटा दिये पुलिसकर्मी – शुभेंदु
भाजपा नेता ने बांग्ला भाषा में लिखे अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि बंगाल में कानून और व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है. राज्य सरकार ने पुलिसकर्मियों को सुनवाई केंद्र से ‘जान-बूझकर हटा दिया है’, ताकि तृणमूल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता की कथित अवैध गतिविधियां आसान हो सकें.
अवैध मतदाताओं को बचाने की कोशिश कर रही टीएमसी – शुभेंदु अधिकारी
भाजपा नेता ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मतदाता सूची में हेर-फेर करने और अवैध मतदाताओं की बिना किसी प्रशासनिक बाधा के सुरक्षा करने की कोशिश कर रही है. इस पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता देवांशु भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की इस घटना में कोई संलिप्तता नहीं है. देवांशु ने इसे प्रताड़ना और वैध मतदाताओं को चुनाव आयोग की मदद से भाजपा के द्वारा हटाने के प्रयास के प्रति जनता की निराशा और रूप में देखा जाना चाहिए.
इसे भी पढ़ें
चुनाव आयोग का ममता बनर्जी पर पलटवार, बंगाल की कानून व्यवस्था को बताया बर्बाद
बंगाल चुनाव 2026: वोटर स्लिप पहुंचाने घर-घर जायेंगे बीएलओ, चुनाव आयोग का सख्त निर्देश
एसआईआर पर फर्जी नैरेटिव के लिए यूट्यूबर्स को पैसे बांट रही टीएमसी : शुभेंदु अधिकारी
बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस को तगड़ा झटका, स्पीकर ने नहीं दी एसआईआर पर चर्चा की अनुमति
