ममता बनर्जी की प्रस्तावित पदयात्रा से पहले 4 टीएमसी नेता की गिरफ्तारी से हुगली में सियासत गरमायी

ममता बनर्जी की हुगली जिले के श्रीरामपुर में प्रस्तावित पदयात्रा से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. इस मामले में पुलिस और नेताओं के अपने-अपने दावे हैं. ममता बनर्जी के कार्यक्रम की अनुमति के लिए स्थानीय टीएमसी नेता हाईकोर्ट जाने का मन बना रहे हैं.

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी की श्रीरामपुर में प्रस्तावित पदयात्रा से पहले राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गयी है. ममता बनर्जी के कार्यक्रम से पहले तृणमूल नेताओं की गिरफ्तारी और उनके आवासों पर छापेमारी के बाद सियासत गरमा गयी है. स्थानीय नेताओं का आरोप है कि प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस कालीघाट के समर्थक नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है.

11 सितंबर को प्रस्तावित है ममता का दौरा

माहेश स्नान पीढ़ी मैदान से बटतला तक 11 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पदयात्रा प्रस्तावित है. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इस कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इसी बीच, शनिवार को पुलिस की एक टीम पूर्व पार्षद उत्तम राय के आवास पर पहुंची. इसके बाद तृणमूल के 2 पूर्व पार्षदों की गिरफ्तारी से श्रीरामपुर का राजनीतिक तापमान बढ़ गया है.

मंदिर विवाद, भाजपा नेता पर हमले के आरोप में गिरफ्तारी

पुलिस ने श्रीरामपुर के वार्ड नंबर 9 के पूर्व पार्षद राजेश साव उर्फ कुकुआ और वार्ड नंबर 15 की पूर्व तृणमूल पार्षद झुमा शील के पति निर्मल शील को गिरफ्तार कर लिया है. इससे 2 दिन पहले तृणमूल नेता आकाश पात्रा और अमित कुमार प्रसाद की भी गिरफ्तारी हो चुकी है.

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पुलिस और गिरफ्तार नेताओं के दावे

पुलिस का कहना है कि राजेश साव को वार्ड नंबर 9 में एक मंदिर निर्माण के दौरान हुई मारपीट के सिलसिले में पकड़ा गया है. अन्य आरोपियों पर भाजपा नेता कवि शंकर बोस पर जानलेवा हमला करने का आरोप है. रविवार को पुलिस ने राजेश साव और निर्मल शील को श्रीरामपुर अदालत में पेश किया. कोर्ट ने दोनों को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. गिरफ्तार नेताओं का कहना है कि उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत झूठे मुकदमों में फंसाया गया है.

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पदयात्रा की अनुमति के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी

पुलिस प्रशासन से अनुमति के लिए हुगली संगठनात्मक जिला तृणमूल के संयोजक असित मजूमदार कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को परामर्श दिया गया है कि ममता बनर्जी के इस कार्यक्रम को सितंबर की बजाय नवंबर में करें.

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