आरपीएफ की तत्परता से ट्रेन में सुरक्षित मिले लापता हुए तीन नाबालिग बच्चे

शालीमार आरपीएफ के एएसआइ टीके सेतुआ की सूझबूझ और तत्परता से तीन लापता नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया.

ओडिशा के बालेश्वर से भागकर शालीमार गामी ट्रेन में सवार हुए थे सभी मूक-बधिर

संवाददाता, हावड़ा.

शालीमार आरपीएफ के एएसआइ टीके सेतुआ की सूझबूझ और तत्परता से तीन लापता नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया. जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे ओडिशा के बालेश्वर जिले के एक मूक-बधिर स्कूल से भागकर पुरी-शालीमार धौली एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गये थे. ट्रेन में ड्यूटी पर तैनात एएसआइ सेतुआ को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि तीन मूक-बधिर बच्चे स्कूल से भाग गये हैं और संभवतः धौली एक्सप्रेस में सवार हैं. सूचना मिलते ही उन्होंने ट्रेन में बच्चों की तलाश शुरू की और अंततः डी-10 कोच में तीनों बच्चे मिल गये. आरपीएफ की टीम ने उन्हें अपनी हिफाजत में लिया, लेकिन बच्चे मूक-बधिर होने के कारण शुरुआती पूछताछ में कठिनाई हुई. बाद में बच्चों ने कागज पर लिखकर अपने घर का पता और परिजनों के नाम बताये. इसके आधार पर आरपीएफ ने उनके परिजनों से संपर्क साधा और पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया. जांच में पता चला कि तीनों बच्चे पिछले पांच वर्षों से बालेश्वर स्थित एक स्कूल-कम-होस्टल में पढ़ाई कर रहे थे, जहां मूक-बधिर बच्चों को शिक्षा दी जाती है. गुरुवार को किसी तरह वे स्कूल से भाग निकले और बालेश्वर स्टेशन पहुंचकर धौली एक्सप्रेस में सवार हो गये.

इस बीच, बच्चों के लापता होने की जानकारी मिलने पर स्कूल प्रबंधन ने आसपास के थानों को सूचित किया. इसके बाद सूचना खड़गपुर रेलवे स्टेशन कंट्रोल रूम तक पहुंची, जहां से इसे एएसआइ टीके सेतुआ तक भेजा गया. उनकी तत्परता से बच्चों को सकुशल बरामद किया जा सका. घटना के बाद शालीमार आरपीएफ पोस्ट पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गयी.

आरपीएफ इंस्पेक्टर सुशील कुमार सिंह ने एएसआइ टीके सेतुआ की तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता और कुशल कार्रवाई के लिए सराहना की और उन्हें बधाई दी.

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Published by: Subodh kumar singh

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