सीआरएस लागू होने के बाद भी मरीज को नहीं मिल रहा इलाज

मरीज का नाम उत्तम कुमार सिंह (45) है. वह आसनसोल के कुल्टी बीएनआर निवासी है.

कोलकाता. राज्य के पांच मेडिकल कॉलेजों में सेंट्रल रेफरल सिस्टम (सीआरएस) लागू हो गया है. इसके बाद भी मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. एसएसकेएम (पीजी) में एक मरीज करीब डेढ़ दिन तक आपातकालीन विभाग की ट्रॉली में बिना इलाज पड़ा रहा. यह घटना रविवार की है. मरीज का नाम उत्तम कुमार सिंह (45) है. वह आसनसोल के कुल्टी बीएनआर निवासी है. जानकारी के अनुसार, उत्तम काम के सिलसिले में झारखंड गया था. वहां ऊंचाई से गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी थी. इसके पहले उसका इलाज बर्दवान मेडिकल कॉलेज में चल रहा था. वहां के डॉक्टरों ने इलाज के लिए कोलकाता ले जाने को कहा. शनिवार सुबह मरीज को लेकर उसके परिजन पीजी पहुंचे. यहां बताया गया कि बेड नहीं हैं. सूचना मिलने पर मीडिया कर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी. इसके बाद पीजी में उत्तम का इलाज शुरू हुआ. मरीज के परिजनों ने बताया कि दो डॉक्टर अस्पताल से बाहर आये और उत्तम की जांच की. उसका इलाज ट्रॉली पर हुआ. सोमवार को उसे वार्ड में भर्ती लिया गया.

अब सवाल यह उठता है कि मरीज का इलाज ट्रॉली पर क्यों किया गया. इस संदर्भ में पीजी के एक अधिकारी ने कहा कि रीढ़ की सर्जरी आपातकालीन आधार पर नहीं की जाती है. आउटडोर में दिखाये जाने के बाद ही प्रक्रिया पूरी हो सकती है.

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