हुगली : सुनवाई के लिए अधिकारी खुद वृद्धा के पास पहुंचे

लंबे समय से उन्हें इनहेलर की आवश्यकता थी और उनका चलना-फिरना लाठी के सहारे ही संभव था.

हुगली. स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहीं गौरी मन्ना की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारी ने एक मिसाल पेश की. पहले ब्रेन स्ट्रोक और फिर हार्ट अटैक के कारण गौरी मन्ना के लिए घर से बाहर आना और सुनवाई में शामिल होना बेहद मुश्किल था. लंबे समय से उन्हें इनहेलर की आवश्यकता थी और उनका चलना-फिरना लाठी के सहारे ही संभव था. बीमारी के कारण उन्होंने आया का काम भी छोड़ दिया था और अधिकांश समय बेड पर ही रहना पड़ता है. गौरी मन्ना को सुनवाई के लिए बुलाये जाने पर उनका बेटा प्रसेनजीत अपनी अस्वस्थ मां को टोटो से सुनवाई स्थल तक लाया. हालांकि सीढ़ियां चढ़ा कर दूसरी मंजिल तक ले जाना संभव नहीं हो पाया. स्थिति को देखते हुए सुनवाई कर रहे चुनाव आयोग के अधिकारी स्वयं नीचे उतर आये और वहीं वृद्धा की सुनवाई कर हस्ताक्षर सत्यापित किये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: GANESH MAHTO

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >