अनुभव के आधार पर 10 अंक देने का मामला अदालत में फंसा

मुकदमों में विश्वजीत विश्वास सहित कई योग्य उम्मीदवार शामिल हैं.

कोलकाता. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा वर्ष 2016 के नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया था और शीर्ष अदालत ने एसएससी को नये सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था. लेकिन अब नयी नियुक्ति प्रक्रिया में भी एसएससी द्वारा अनुभव के आधार पर 10 अतिरिक्त नंबर देने के फैसले को लेकर विवाद पैदा हो गया है और यह विवाद अब कलकत्ता हाइकोर्ट तक पहुंच गया है. योग्य उम्मीदवारों के एक समूह ने इस नियम की वैधता को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक मामला दायर किया है.मुकदमों में विश्वजीत विश्वास सहित कई योग्य उम्मीदवार शामिल हैं. उनके वकील आशीष कुमार चौधरी ने कहा कि जिस तरह कक्षा 9-10 और 11-12 के शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग होती है, उसी तरह उनका अनुभव भी अलग-अलग होता है. ऐसे में, अगर कक्षा 9-10 के शिक्षक कक्षा 11-12 के शिक्षक पद के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें अनुभव के लिए 10 अंक मिलना नियमों के विरुद्ध है. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के अनुसार, नियुक्ति नियमों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिस पद के लिए नियुक्ति की जा रही है, उसके कार्य अनुभव के आधार पर ही अतिरिक्त 10 अंक दिये जा सकते हैं. फिर कक्षा 9-10 में पढ़ाने का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थी को कक्षा 11-12 के शिक्षकों की नियुक्ति में अंक कैसे दिये जा सकते हैं, यही सवाल याचिकाकर्ताओं ने उठाया है. याचिका में आगे कहा गया है कि छह-सात साल से पढ़ा रहे शिक्षकों के ””””शिक्षण दक्षता”””” के लिए दोबारा अंक निर्धारित करना बेहद अपमानजनक है. उनका दावा है कि सरकार या एसएससी किसी भी तरह से कार्यरत शिक्षक की शिक्षण योग्यता पर सवाल नहीं उठा सकते. इसलिए अनुभवी शिक्षकों की शिक्षण योग्यता का पुनर्मूल्यांकन किये बिना उन्हें सीधे 10 अंक दिए जाने चाहिए. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि एसएससी नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान बार-बार नियमों में बदलाव कर रहा है. इस मामले की सुनवाई सोमवार को न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की पीठ में हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने सभी पक्षों को हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी.

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By GANESH MAHTO

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