कोलकाता.
विधानसभा चुनाव के पहले भारत निर्वाचन आयोग का सख्त निर्देश आया है. आयोग ने चुनावी सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. पिछले लोकसभा चुनाव के बाद अब आगामी विधानसभा चुनावों में ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य किया जायेगा. आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी और जवानों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जायेगी. जानकारी के अनुसार, आयोग को पिछले चुनावों के दौरान कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें कुछ जवानों के मतदान केंद्रों पर निष्क्रिय रहने, मोबाइल चलाने या आराम करने की बात सामने आयी थी. इन घटनाओं के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक को देखते हुए आयोग ने तकनीक के माध्यम से निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनी रहे.जीपीएस सिस्टम की कार्यप्रणाली :नयी व्यवस्था के तहत प्रत्येक जवान को जीपीएस युक्त स्मार्ट डिवाइस उपलब्ध कराया जायेगा, जो उसकी लोकेशन और गतिविधि पर नजर रखेगा. यदि कोई जवान निर्धारित समय से अधिक एक ही स्थान पर स्थिर पाया जाता है, तो कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट प्राप्त होगा. साथ ही डिवाइस में आपात स्थिति के लिए एसओएस बटन भी होगा, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता ली जा सकेगी. पूरा डेटा केंद्रीय मॉनिटरिंग सेंटर में संग्रहित किया जायेगा. बताया जा रहा है कि यह निर्णय गृह मंत्रालय और विभिन्न केंद्रीय बलों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार विमर्श के बाद लिया गया है. सभी बलों को निर्देश दिया गया है कि ड्यूटी के दौरान जीपीएस डिवाइस पहनना अनिवार्य होगा. इसे बंद करना या न पहनना अनुशासनहीनता माना जायेगा.
