विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस को निर्देश दिया है कि राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी कर ली जाये और मार्च के दूसरे सप्ताह तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाये. राज्य पुलिस द्वारा चिह्नित संवेदनशील क्षेत्रों के आधार पर आयोग केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की प्रारंभिक योजना तैयार करेगा. संबंधित क्षेत्रों की संवेदनशीलता के अनुसार बलों की संख्या और उनकी तैनाती तय की जायेगी. आयोग ने यह भी निर्णय लिया है कि मतदान तिथियों की घोषणा और आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती राज्य में शुरू कर दी जायेगी. कुल 480 कंपनियां 10 मार्च तक राज्य में तैनात की जायेंगी. इनमें से 240 कंपनियां एक मार्च को और शेष 240 कंपनियां 10 मार्च को पहुंचेंगी. मालूम रहे कि सोमवार शाम राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित तैयारी बैठक में आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया कि एक से 10 मार्च के बीच तैनात की जाने वाली 480 कंपनियों को बैठा कर नहीं रखा जाये, बल्कि उन्हें काम में लगाया जाये. इन कंपनियों की तैनाती चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों से परामर्श करके ली जायेगी. केंद्रीय बलों की आवाजाही और तैनाती का समन्वय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा किया जायेगा. बताया जा रहा है कि एक मार्च को तैनात होने वाली पहली खेप की 240 कंपनियों में 110 कंपनियां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की, 55 कंपनियां सीमा सुरक्षा बल की, 21 कंपनियां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की, 27 कंपनियां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की तथा 27 कंपनियां सशस्त्र सीमा बल की शामिल होंगी. 10 मार्च को तैनात होने वाली दूसरी खेप की 240 कंपनियों में 120 कंपनियां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की, 65 कंपनियां सीमा सुरक्षा बल की, 16 कंपनियां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की, 20 कंपनियां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की तथा 19 कंपनियां सशस्त्र सीमा बल की होंगी.
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