कामदुनी कांड: अब सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जायेगी न्याय की लड़ाई

उत्तर 24 परगना जिले के बारासात थाना क्षेत्र के चर्चित कामदुनी सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले की कानूनी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जायेगी.

गणेश पूजा के बाद शीर्ष अदालत का रुख करेगा पीड़ित परिवार

संवाददाता, कोलकाता.

उत्तर 24 परगना जिले के बारासात थाना क्षेत्र के चर्चित कामदुनी सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले की कानूनी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जायेगी. पीड़िता का परिवार निचली अदालत और उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में अपील करने जा रहा है. परिवार ने स्पष्ट किया है कि गणेश पूजा के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की प्रक्रिया शुरू होगी. पीड़िता के परिजनों का कहना है कि हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आपराधिक कानून की नयी व्याख्या से उन्हें न्याय की उम्मीद बंधी है. कोर्ट ने कहा है कि यदि किसी आरोपी को बरी किया जाता है, तो पीड़ित पक्ष उसे दोषी साबित करने के लिए दोबारा अपील कर सकता है. इसी आधार पर पीड़िता का परिवार बरी आरोपियों के खिलाफ कठोर सजा की मांग करेगा. स्थानीय सेवानिवृत्त शिक्षक और न्याय आंदोलन के सक्रिय सदस्य प्रदीप मुखर्जी ने बताया कि गणेश पूजा के बाद पीड़ित परिवार और आंदोलनकारियों के साथ बैठक कर अगली कानूनी रणनीति तय की जायेगी. हमारा लक्ष्य है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलायी जाये.

गौरतलब रहे कि सात जून 2013 को कामदुनी में कॉलेज से लौट रही छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गयी थी. वर्ष 2016 में बैंकशाल कोर्ट ने तीन दोषियों को फांसी और तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. बाद में उच्च न्यायालय ने एक को बरी कर दिया, जबकि बाकी दो की सजा घटाकर उम्रकैद कर दी. तीन अन्य दोषियों की सजा भी कम कर दी गयी थी. राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के इस फैसले को चुनौती देते हुए पहले ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां मामला फिलहाल लंबित है. अब पीड़िता का परिवार भी सीधे सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल करेगा.

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