नदी का खारा पानी तालाब में आ जाने से मर जा रही थीं मछलियां
संवाददाता, कोलकाता.
पिछले सप्ताह रायमंगल नदी का तटबंध टूटने से दक्षिण 24 परगना के गोसाबा ब्लॉक का पुईंजाली गांव जलमग्न हो गया. नदी का खारा पानी गांवों में घुसने से न केवल खेत और तालाबों की मछलियां नष्ट हुईं, बल्कि कई कच्चे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गये. जानकारी के अनुसार, आमतली ग्राम पंचायत के अंतर्गत पुईंजाली और आसपास के कई गांवों में नदी का पानी तेजी से घुस आया था.
सिंचाई विभाग के कर्मियों ने टूटे तटबंध की मरम्मत की कोशिश की, लेकिन लगातार ज्वार के दबाव के कारण वे असफल रहे. हालांकि, काफी मशक्कत के बाद सिंचाई विभाग ने नदी के ध्वस्त तटबंध के पास एक अस्थायी ‘रिंग तटबंध’ तैयार कर दिया. सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रिंग तटबंध बनने के बाद मंगलवार की शाम से गांवों में नये सिरे से नदी का पानी घुसना बंद हो गया है. अब खारे पानी का प्रवाह रोका जा सका है. हालांकि, पिछले दो दिनों से भरे ज्वार का पानी अभी भी कई जगहों पर जमा है, जिससे सड़ांध फैल रही है. ग्रामीणों ने बताया कि तालाबों की मछलियां मरकर सतह पर आ रहीं हैं और पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल गयी है. इससे स्वास्थ्य संकट की आशंका बढ़ गयी है.
ग्राम पंचायत और ब्लॉक प्रशासन ने इलाके में ब्लिचिंग पाउडर और चूना छिड़कने की प्रक्रिया शुरू की है, ताकि संक्रमण को रोका जा सके. क्षतिग्रस्त किसानों और ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग की है. गोसाबा के बीडीओ ने कहा, “हम नुकसान का आकलन कर रहे हैं. उपयुक्त कदम अवश्य उठाये जायेंगे. फिलहाल रिंग तटबंध बनने से गांवों में राहत का माहौल है.”
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
