तसलीमा नसरीन के सम्मान समारोह में बोले शुभेंदु अधिकारी- बंगाल में धमकी का दौर खत्म, जब चाहें बंगाल आइए

पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन को भरोसा दिलाया है कि वे जब चाहें बंगाल आ सकती हैं. उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और धमकी का दौर अब खत्म हो गया है.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन को आश्वासन दिया है कि वह जब चाहें, बंगाल आ सकती हैं. उनको सुरक्षा मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बंगाल की नयी सरकार में हर किसी को अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है. शुभेंदु अधिकारी ने तसलीमा को संबोधित करते हुए कहा- राज्य में अब धमकी देने का दौर खत्म हो गया है. आप जितनी बार चाहें बंगाल आ सकती हैं. जब भी आप बंगाल आयेंगीं, आपको सुरक्षा मुहैया कराना मुख्यमंत्री के तौर पर मेरा कर्तव्य है.

19 साल बाद कोलकाता लौटीं तसलीमा नसरीन

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी लगभग 19 साल बाद शुक्रवार को कोलकाता लौटीं तसलीमा नसरीन के सम्मान में कोलकाता के रवींद्र सदन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य में बदले हुए राजनीतिक माहौल का जिक्र किया. कहा कि नयी सरकार अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उनका यह बयान साफ तौर पर उन हालात की ओर इशारा था, जिनमें नसरीन को वर्ष 2007 में अपने लेखन को लेकर हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बाद कोलकाता छोड़ना पड़ा था.

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2004 से 2007 तक कोलकाता में रहीं थीं तसलीमा

बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका वर्ष 2004 से 2007 के बीच कोलकाता में रहीं थीं. उस समय की वाम मोर्चा सरकार ने उन्हें शहर छोड़ने के लिए कहा था, क्योंकि उनकी आत्मकथा ‘द्विखंडितो’ के कुछ हिस्सों को लेकर हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए थे. कट्टरपंथ-विरोधी साहित्यिक कार्यक्रम में 19 साल बाद पहली बार कोलकाता में सार्वजनिक रूप से दिखी हैं तसलीमा नसरीन.

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By मिथिलेश झा

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