हकीमपुर बॉर्डर पर भारी हलचल, शुभेंदु अधिकारी का अल्टीमेटम- जल्दी भागो, घुसपैठियों के दाना-पानी पर भी रोक

Suvendu Adhikari on Bangladeshi Deportation: बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी ने हकीमपुर सीमा चौकी पर जमा अवैध बांग्लादेशियों के तत्काल निर्वासन का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार अब घुसपैठियों पर जनता का पैसा बर्बाद नहीं करेगी. राज्य में Detect, Delete and Deport नीति सख्ती से लागू होगी.

Suvendu Adhikari on Bangladeshi Deportation: पश्चिम बंगाल की हकीमपुर सीमा चौकी (Hakimpur Border Outpost) पर मंगलवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गयी, जब भारी संख्या में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक वहां जमा हो गये. इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अधिकारियों को उनके तत्काल निर्वासन (Deportation) का आदेश दिया है.

चीफ मिनिस्टर ने अधिकारियों को दिये कड़े निर्देश

नदिया जिले के कल्याणी में हुई प्रशासनिक बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़े लहजे में कहा कि अब पश्चिम बंगाल के संसाधनों पर अवैध लोगों का अधिकार नहीं होगा. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा- जल्दी-जल्दी भागो, नहीं तो जो करना है सरकार करेगी.

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जेलों में नहीं खिलायेंगे मुफ्त की रोटियां : सीएम का सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने हकीमपुर सीमा पर जमा भीड़ का जिक्र करते हुए प्रशासन को निर्देश दिया कि इन लोगों को जल्द से जल्द सीमा पार भेजा जाये. शुभेंदु अधिकारी ने इसके पीछे ठोस आर्थिक तर्क भी दिये.

  • जनता के पैसे की बचत : मुख्यमंत्री ने कहा- हम उन्हें अपनी जेलों में रखकर जनता का पैसा उन पर बर्बाद नहीं करना चाहते. अवैध घुसपैठियों को मुफ्त खाना खिलाने से पश्चिम बंगाल के नागरिकों का नुकसान हो रहा है.
  • वोट बैंक की राजनीति का अंत : सीएम ने पिछली व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि कानून पहले भी था, लेकिन कुछ लोगों ने अपने वोट बैंक के लिए इसे दबाकर रखा. अब सरकार वोट बैंक से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में काम करेगी.

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बॉर्डर पर क्यों जमा हुई भीड़?

हकीमपुर सीमा पर जमा हुए लोग कथित तौर पर अवैध तरीके से भारत में घुसे थे, लेकिन अब राज्य सरकार की सख्ती और Detect, Delete and Deport पॉलिसी के डर से वे खुद ही वापस बांग्लादेश लौटने की फिराक में हैं.

सभी जिलों में होल्डिंग सेंटर्स की तैयारी

सरकार ने सभी जिलों में निरुद्ध केंद्र (Detention/Holding Centres) स्थापित कर दिये हैं. यहां उन विदेशियों को रखा जा रहा है, जो जेल से रिहा हो चुके हैं या पकड़े गये हैं, जब तक कि उन्हें डिपोर्ट (निर्वासित) नहीं कर दिया जाता. मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वासन की प्रक्रिया में अब कोई ढिलाई नहीं बरती जायेगी.

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3D पॉलिसी का खौफ और प्रशासनिक सक्रियता

शुभेंदु अधिकारी सरकार द्वारा घोषित ‘पता लगाओ, हटाओ और निर्वासित करो’ (Detect, Delete and Deport) की नीति का अब जमीन पर असर दिखने लगा है. उत्तर 24 परगना के बशीरहाट उपमंडल में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गयी है. नदिया, हुगली और उत्तर 24 परगना के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर संदिग्धों की पहचान कर उन्हें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के समन्वय से वापस भेजने की प्रक्रिया तेज करें.

Suvendu Adhikari on Bangladeshi Deportation: भारतीय नागरिकों के हितों की सुरक्षा प्राथमिकता

प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पश्चिम बंगाल की जनसांख्यिकी और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सरकार हर संभव कदम उठायेगी. हकीमपुर की घटना यह संकेत है कि अब बंगाल में घुसपैठियों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है.

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By Mithilesh Jha

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