बंगाल के लोगों को शुभेंदु अधिकारी ने दी राहत, अब टेंकरों में रख सकेंगे पेट्रोल और डीजल

Suvendu Adhikari: मध्य पूर्व में अशांति के कारण दुनिया के लगभग हर देश में पेट्रोल-डीजल और खाना पकाने की गैस का संकट पैदा हो गया. केंद्र सरकार देश में ईंधन की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक प्रयास कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अनावश्यक रूप से कारों का उपयोग न करने की सलाह दी है.

Suvendu Adhikari: कोलकाता : ईंधन को कंटेनरों में भरा जा सकता है, लेकिन यह केवल आवश्यक मामलों में ही संभव है. अब से किसान और चाय बागान के मजदूर भी कंटेनरों में तेल भर सकेंगे. आम जनता के हित में भाजपा सरकार का यह बड़ा फैसला है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की है. कोलकाता के व्यापारियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. एक पेट्रोल पंप व्यापारी ने कहा- सरकार जो भी फैसला लेगी, हमें उसका पालन करना होगा.

मुख्यमंत्री ने क्या लिखा

शुभेंदु ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा- हाल ही में कंटेनरों में डीजल की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसके कारण हमारे मेहनती किसान भाइयों, विभिन्न अस्पतालों और आपातकालीन सेवा प्रदाताओं को अपने काम में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. पश्चिम बंगाल सरकार ने जनहित की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया है.

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सरकार के फैसले से बढ़ गयर थी परेशानी

तेल संकट के कारण कई लोगों ने पेट्रोल और डीजल का अग्रिम भंडारण शुरू कर दिया था. इसके बाद सरकार ने कंटेनरों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. पेट्रोल या डीजल साधारण प्लास्टिक की बोतलों में नहीं दिया जाता है. इससे कुछ मामलों में समस्याएँ उत्पन्न हो रही थीं. विशेष रूप से किसानों, चाय बागान और अस्पतालों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, यही कारण है कि राज्य सरकार ने अब उनके लिए प्रतिबंधों में ढील दी है.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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