अपहरण कर संपत्ति अपने नाम करा लेने की थी योजना
सिविक वॉलंटियर को अपहरण के लिए दी गयी थी छह लाख की सुपारी
संवाददाता, कोलकाता.
सिविक वॉलंटियर को सुपारी देकर सौतेले भाई के अपहरण की साजिश रची गयी. इतना ही नहीं, किराये पर नकली पुलिसकर्मी बनाकर उसके घर से उसका अपहरण भी कराया गया. लेकिन पुलिस ने इस साजिश को नाकाम कर दिया.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सिविक वॉलंटियर हुमायूं कबीर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार सिविक वॉलंटियर डोमकल थाने में कार्यरत था. घटना बुधवार की शाम मुर्शिदाबाद के डोमकल थाना क्षेत्र में हुई. घटना के बाद से इलाके में तनाव फैल गया. सिविक वॉलंटियर की करतूत से जिला पुलिस भी सकते में है.
क्या है मामला : पुलिस सूत्रों के अनुसार अपहृत लालचंद मंडल के पिता की दो शादियां हुईं थीं. पहले पक्ष के एक भाई ने घटना की साजिश रची थी. उसने डोमकल थाने के सिविक वॉलंटियर हुमायूं कबीर को छह लाख रुपये की सुपारी दी थी. इसके बाद हुमायूं ने एक लाख रुपये देकर कुछ लोगों को काम पर रखा था. बुधवार शाम को ऑपरेशन शुरू हुआ. हुमायूं कुछ नकली पुलिसकर्मी लेकर लालचंद मंडल के घर पहुंचा और उसे पकड़ लिया. इसके लिए एक कार भी किराये पर ली गयी थी. किसी को संदेह नहीं हो, इसलिए वाहन के चारों तरफ पुलिस के स्टीकर लगा दिये गये. जब लालचंद मंडल को ‘गिरफ्तार’ किया गया तो उसकी पत्नी ने पुलिस से गिरफ्तार करने का कारण पूछा. इसके बाद उसकी पत्नी को धमकी दी गयी. पुलिस सूत्रों के अनुसार ये लोग लालचंद को कोलकाता में किसी गुप्त स्थान पर ले जाकर सौतेले पिता के नाम की लगभग 70 लाख रुपये की संपत्ति सौतेले भाई के नाम पर लिखाना चाहते थे.
सक्रिय हुई पुलिस : इधर लालचंद की पत्नी सेफाली बीबी तुरंत थाने पहुंची और पुलिस से पूछा कि लालचंद को क्यों गिरफ्तार किया गया? यह सुनकर थाने के आइसी पार्थसारथी मजूमदार और अन्य पुलिसकर्मी हैरान रह गये. सेफाली बीबी से पूरी बात सुनने के बाद पुलिस ने बिना देर किये जांच शुरू की. डोमकल थाने के सभी पुलिस कैंपों को अलर्ट कर दिया गया. डोमकल बाजार इलाके के कई चौराहों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गयी. जांच में पुलिस ने कार की पुष्टि की. यह कार डोमकल में ही पायी गयी. पुलिस अधिकारियों ने कार का नंबर लेकर दोनों कारों के चालकों को पकड़ लिया और उनसे पूछताछ की, तो उन्हें पता चला कि इस पूरी घटना में सिविक वॉलंटियर हुमायूं कबीर शामिल था.
बुधवार रात पुलिस ने आरोपी हुमायूं को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. लंबी पूछताछ में हुमायूं कबीर ने कबूल किया कि उसने लालचंद मंडल का अपहरण किया था. हुमायूं से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने एक अन्य वाहन में सवार लोगों के मोबाइल फोन को ट्रैक कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की. उन्हें पता चला कि वाहन कृष्णानगर होते हुए कोलकाता की ओर जा रहा था. डोमकल पुलिस ने तुरंत राणाघाट और बारासात पुलिस थानों को सूचित किया. दोनों थाने की पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाका लगाकर जांच शुरू कर दी. पुलिस को सड़क पर नाका लगाते देख बदमाशों ने राणाघाट से पहले ही गाड़ी मोड़ ली और डोमकल की ओर लौटने लगे.
डोमकल पुलिस पूरे मामले पर कड़ी नजर रख रही थी. गुरुवार तड़के पुलिस ने वाहन को घेर लिया व अपहृत लालचंद मंडल को मुक्त कराया. कार में सवार नकली पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया. डोमकल के एसडीपीओ शुभम बजाज ने बताया कि घटना में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से एक सिविक वॉलंटियर भी शामिल है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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