कोलकाता.
पश्चिम बंगाल में एसआइआर को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार और ममता बनर्जी पर भाजपा ने जमकर निशाना साधा है. मंगलवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने महानगर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सहित कुल 12 राज्यों में एसआइआर प्रक्रिया एक साथ शुरू हुई थी, जिनमें से 10 राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. केरल और तमिलनाडु जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में भी एसआइआर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है. कहीं भी विरोध, बीडीओ कार्यालयों में आगजनी, राष्ट्रीय राजमार्ग अवरोध, बीएलए पर हमले, बीएलओ को डराना-धमकाना या गलत जानकारी अपलोड कराने की घटनाएं सामने नहीं आयीं. लेकिन यह स्थिति पश्चिम बंगाल के लिए शर्मनाक है. आज सर्वोच्च न्यायालय को न्यायाधीशों के माध्यम से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश देने पड़ रहे हैं, जो प्रशासनिक विवेक की कमी और प्रशासन के पूर्ण राजनीतिकरण को दर्शाता है. अदालत प्रशासन पर भरोसा नहीं कर पा रही है. न्यायाधीश असुरक्षा की भावना से काम कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि 80 दिन लगें या 180 दिन, एसआइआर प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए और त्रुटिरहित मतदाता सूची जनता को दी जानी चाहिए. यदि पूरे देश में यह प्रक्रिया शांतिपूर्वक हो सकती है, तो पश्चिम बंगाल में क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को जिम्मेदारी के साथ पूरी तरह त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करनी होगी. यह केवल राज्य चुनाव आयोग का विषय नहीं, बल्कि केंद्रीय चुनाव आयोग का दायित्व है. उन्होंने पूर्व डिप्टी मेयर मीना देवी पुरोहित पर हुए हमले और पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग ने कई घटनाओं से इनकार किया, इसके बावजूद भाजपा ने पंचायत चुनाव में 11 हजार से अधिक सीटें जीतीं.उन्होंने कहा कि जो लोग हिंसा और आतंक के माध्यम से भाजपा को समाप्त करने का सपना देख रहे थे, वे सफल नहीं हुए. वर्तमान स्थिति में राज्य की छवि पूरे देश के सामने खराब हो रही है. भाजपा का स्पष्ट रुख है – नो एसआइआर, नो वोट. हर शिकायत को स्वीकार किया जाना चाहिए, चाहे वह किसी राजनीतिक दल की ओर से हो या किसी सामान्य नागरिक की ओर से.उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से आग्रह किया कि वह स्वयं कोलकाता आकर मुर्शिदाबाद, डोमकल और दक्षिण 24 परगना जैसे क्षेत्रों का दौरा करें और स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करें. आयोग को अंतिम शिकायत तक सुनवाई सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि बाहर के राज्यों से न्यायाधीशों को लाना पड़ रहा है. सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आयोग की जिम्मेदारी है. राज्य के आइएएस और आइपीएस अधिकारियों की भी नैतिक और प्रशासनिक जवाबदेही है. भाजपा हर समय चुनाव के लिए तैयार है.
गौरतलब है कि मंगलवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने प्रदेश कांग्रेस के दो नेताओं को पार्टी का झंडा थमा कर भाजपा में शामिल किया. इनमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य एवं पश्चिम बंगाल कांग्रेस की प्रवक्ता संदीपा चक्रवर्ती और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता व युवा कांग्रेस के राज्य सचिव अधिवक्ता नीलाभ बनर्जी शामिल रहे.राज्य में जानबूझ कर बाधित की जा रही एसआइआर प्रक्रिया : उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआइआर प्रक्रिया को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है, जबकि देश के अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो चुकी है. शमिक भट्टाचार्य का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किये जा रहे हैं और बीएलए-2 के नाम पर फॉर्म-7 दाखिल किये जा रहे हैं, ताकि मतदाता सूची में हेरफेर किया जा सके. भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि एसआइआर प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा नहीं किया गया, तो पार्टी जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी.
