पश्चिम बंगाल में 12 जिलों के मदरसों की होगी जांच, 21 जुलाई तक सरकार को मिलेगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के 12 जिलों में संचालित मदरसों के विशेष निरीक्षण का फैसला किया है. इस अभियान के तहत शिक्षा की गुणवत्ता, सुविधाओं, और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा. निरीक्षण 15 जुलाई से शुरू होकर 21 जुलाई तक चलेगा, जिसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी.

कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के 12 जिलों में संचालित मदरसों का विशेष निरीक्षण कराने का फैसला किया है. इस अभियान के तहत मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता, उपलब्ध सुविधाओं, भवनों की स्थिति, आधारभूत संरचना, पाठ्यक्रम, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जायेगा. अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग ने इस निरीक्षण के लिए 18 सदस्यीय समिति का गठन किया है. यह समिति 15 जुलाई से निरीक्षण अभियान शुरू करेगी और 21 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.

इन जिलों में होगी जांच

  • कूचबिहार
  • उत्तर दिनाजपुर
  • मालदा
  • मुर्शिदाबाद
  • बीरभूम
  • पश्चिम मेदिनीपुर
  • पूर्व मेदिनीपुर
  • नदिया
  • हुगली
  • हावड़ा
  • उत्तर 24 परगना
  • दक्षिण 24 परगना

21 जुलाई तक रिपोर्ट जमा करने का निर्देश

सरकारी आदेश के अनुसार, निरीक्षण अभियान 12 जिलों के मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का निरीक्षण किया जायेगा. निरीक्षण की जिम्मेदारी मदरसा शिक्षा विभाग, मदरसा सेवा आयोग और अल्पसंख्यक मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गयी है. विभाग ने सभी निरीक्षण दलों को 21 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है. रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित मदरसों के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जायेंगे. निरीक्षण अभियान को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को सहयोग करने का निर्देश दिया गया है.

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अभियान का उद्देश्य मदरसों को बेहतर करना

प्रत्येक जिले में निरीक्षण अधिकारियों की सहायता के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जायेगा. इसके अलावा निरीक्षण दलों के लिए वाहन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किये गये हैं. राज्य सरकार के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य मदरसों में शिक्षा व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का समग्र आकलन करना है, ताकि जरूरत के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाये जा सकें.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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