रोजे के लिए फल लेने गया था शफीक, परिजन करते रहे इंतजार, पर नहीं लौट सका अपने घर

सामान खरीदकर शफीक घर जा रहा था कि उसी समय दुकान के पास दो युवक और उसके गैंग के सदस्य वहां पहुंचे.

हावड़ा. रमजान का महीना होने के कारण बुधवार तड़के ही शफीक उठ गया, नहा-धोकर कर वह मां और परिवार के लिए फल खरीदने पिलखाना बाजार गया था. वह खरीदारी कर के घर लौट रहा था, तभी सेकेंड बाइलेन के पास स्थित चाय की दुकान पर कुछ लोगों ने मेरे शौहर को रोक लिया और गोलियों से छलनी कर दिया. यह कहते हुए शफीक की पत्नी परहत खातून फूट-फूट कर रो पड़ती हैं. लोगों ने बताया कि रमजान के कारण पिलखाना बाजार में काफी चहल-पहल थी. सामान खरीदकर शफीक घर जा रहा था कि उसी समय दुकान के पास दो युवक और उसके गैंग के सदस्य वहां पहुंचे. शफीक के साथ उनकी बहस शुरू हुई. इससे पहले शफीक कुछ समझ पाता, गैंग के सदस्यों ने पिस्तौल निकाली और उसके सिर पर पीछे से गोली मार दी. गोली लगते ही शफीक जमीन पर गिर पड़ा. शफीक के सीने में चार गोलियां मारीं गयी. सुबह-सुबह गोली की आवाज सुनते ही बाजार में खलबली मच गयी. लोग इधर-उधर भागने लगे. दुकानें बंद होने लगीं. गोलाबाड़ी थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बुरी तरह से जख्मी शफीक को हावड़ा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना का आरोप इलाके के ही हारुन खान पर लगा है. उसकी पहचान मौके पर स्थित सीसीटीवी फुटेज से देखकर हुई है. हालांकि उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है.

कौन है हारुन खान

मिली जानकारी के अनुसार हारुन खान मूल रूप से अफगानिस्तान के अबे-बरिक का रहने वाला है. वह पिछले कई सालों से पिलखाना में रह रहा है. उस पर यहां एक फ्लैट पर कब्जा करने का आरोप है. इसके अलावा वह ब्याज पर लोगों को रुपये देता है. उस पर गैर-कानूनी हथियार बेचने का भी आरोप है. भाजपा नेता उमेश राय का दावा है कि उत्तर हावड़ा के विधायक के साथ उसके घनिष्ठ संबंध हैं. उनका आरोप है कि वह वार्ड नंबर 16 में तृणमूल कांग्रेस का युवा नेता है.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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