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School Uniform Scam : कोलकाता. तृणमूल शासन में भ्रष्टाचार के आरोपों की सूची लंबी होती जा रही है. रोजगार, शिक्षा, नगर निगम भर्ती से लेकर राशन और आवास तक कई क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. अब स्कूल यूनिफॉर्म में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्कूल यूनिफॉर्म से जुड़े आरोपों को लेकर बेहद नाराज हैं. उन्होंने एक प्रशासनिक बैठक बुलाई. वहां उन्होंने सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म में घटिया कपड़े के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई. मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि गुणवत्ता जांच के बिना यूनिफॉर्म कैसे मुहैया कराई गईं. उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश भी दिए.
मुख्यमंत्री वर्दी को लेकर नाराज
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक में उन्होंने स्कूल यूनिफॉर्म की गुणवत्ता को लेकर उठाई गई शिकायतों पर चर्चा की. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले में वस्त्र और वित्त विभागों को कड़ी फटकार भी लगाई. बताया जा रहा है कि बैठक में शुभेंदु ने पूछा कि पहले बनाई गई स्कूल यूनिफॉर्म की गुणवत्ता की ठीक से जांच क्यों नहीं की गई. शुभेंदु अधिकारी ने यह भी आदेश दिया कि यूनिफॉर्म किसे, कहां और कैसे आवंटित की गई, इसकी जांच की जाए.
वर्दी को लेकर क्या-क्या हैं शिकायतें
पता चला है कि स्कूल यूनिफॉर्म के साइज़ में समस्याएं थीं. कई बार उनकी गुणवत्ता खराब थी. वे कुछ ही दिनों में फट जाती थीं. ऐसी शिकायतें बार-बार की गई हैं. शुभेंदु यह जानना चाहते हैं कि कोटेशन कैसे दिया गया था और उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि वित्त विभाग ने गुणवत्ता की जांच किए बिना ही धनराशि कैसे आवंटित कर दी. उन्होंने इस मामले की जाँच के आदेश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यूनिफॉर्म की गुणवत्ता की जांच के बाद ही धनराशि आवंटित की जाएगी.
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100 दिन के कार्य पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री शुभेंदु ने पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट मंगवाई है. उन्होंने दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं. बैठक में 100 दिन के कार्य पर भी चर्चा हुई. उन्होंने निर्देश दिया कि 100 दिन का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए और केंद्र से आवंटन मिलने पर कार्य में तेजी लाई जाए. घाटाल मास्टर प्लान के कार्यान्वयन पर भी चर्चा हुई. जानकारी मिली है कि उन्होंने सिंचाई विभाग को घाटाल मास्टर प्लान के संबंध में केंद्रीय श्रम मंत्रालय से बात करने को कहा है.
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