खास बातें
Satabdi Roy Joins Rebel Camp TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ऐतिहासिक हार के बाद पार्टी का विद्रोह पूरी तरह बेकाबू हो चुका है. दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को 20 सांसदों के हस्ताक्षर वाला लेटर सौंपे जाने के बाद अब ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है. बंगाल सिनेमा की बेहद हसीन अदाकारा और बीरभूम से लगातार 4 बार की लोकसभा सांसद शताब्दी रॉय (Satabdi Roy) ने आधिकारिक तौर पर पाला बदल लिया. उन्होंने भी काकोली घोष दस्तीदार खेमे का दामन थाम लिया है.
शताब्दी का घर बना बागी सांसदों का ‘वॉर रूम’
शताब्दी रॉय ने न केवल बागियों का कैंप ज्वाइन कर लिया है, बल्कि मीडिया से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी अब बहुत बदल चुकी हैं. इस बीच, दिल्ली में शताब्दी रॉय के सरकारी आवास को बागी सांसदों और भाजपा के शीर्ष रणनीतिकारों ने अपना नया ‘गुप्त वॉर-रूम’ बना लिया है. यहीं सोमवार शाम को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में ममता बनर्जी की पार्टी को नेश्तनाबूद करने की अंतिम स्क्रिप्ट लिखी गयी.
दीदी अब घिर चुकी हैं, हमारी आवाज दबायी गयी : शताब्दी
शताब्दी रॉय ने बागी खेमे में शामिल होने के अपने इस बड़े फैसले के पीछे की कड़वी सच्चाई को खुद ही उजागर कर दिया है. शताब्दी ने कहा- ममता दीदी के साथ मेरा सालों पुराना बेहद मजबूत और भावनात्मक रिश्ता रहा है. लेकिन मुझे भारी मन से कहना पड़ रहा है कि दीदी अब बहुत ज्यादा बदल चुकी हैं. पार्टी के भीतर अब निर्वाचित प्रतिनिधियों की आवाज को पूरी तरह दबाया जा रहा था.
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टीएमसी में खास सलाहकारों का सिंडिकेट : रॉय
टॉलीवुड एक्ट्रेस से नेता बनीं शताब्दी रॉय ने यह भी कहा कि टीएमसी के भीतर अब भ्रष्टाचार और कुशासन पैर पसार चुका है. सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि अब पार्टी के जमीनी नेताओं की पहुंच मुख्यमंत्री तक पूरी तरह बंद कर दी गयी थी. दीदी अब कुछ खास प्रभावशाली नेताओं और सलाहकारों (अभिषेक बनर्जी और आई-पैक सिंडिकेट) के छोटे से घेरे में घिर चुकी हैं. हमारे पास जनता के काम कराने का कोई रास्ता नहीं बचा था.
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Satabdi Roy Joins Rebel Camp TMC: भूपेंद्र यादव के घर से शताब्दी के आवास तक
सोमवार दोपहर को काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 14 बागी सांसद सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय रणनीतिकार और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर लंच के लिए जुटे. यहां पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे. इसी बैठक में राज्यसभा के वरिष्ठ मुख्य सचेतक सुखेंदु शेखर रॉय ने संसद और टीएमसी से अपने इस्तीफे का ऐलान किया. इसके तुरंत बाद शाम को मुख्यमंत्री सीधे शताब्दी रॉय के आवास पहुंचे.
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एनडीए को समर्थन के फैसले पर यहीं लगी मुहर
शताब्दी रॉय की मेजबानी में बागी खेमे के 10 से अधिक बड़े सांसदों की एक और गुप्त और रणनीतिक बैठक हुई. बैठक में खलीलुर रहमान, शर्मिला सरकार, अबू ताहेर खान, बापी हलदार, जगदीश बसुनिया, जून मालिया, कालीपद सोरेन और असित माल जैसे कद्दावर लोकसभा सांसद शामिल हुए, जहां संसद के भीतर एनडीए (NDA) को समर्थन देने के तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर मुहर लगायी गयी.
टीएमसी का पलटवार – गद्दारों को जनता माफ नहीं करेगी
संसदीय दल में हुए इस विभाजन (28 में से 20 सांसद) से बौखलायी ममता बनर्जी की कोर टीम ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला. महुआ मोईत्रा, कल्याण बनर्जी और सौगत रॉय ने बागी सांसदों को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें ‘रीढ़ की हड्डी विहीन गद्दार’ करार दिया. कहा कि ये सभी लोग 2024 में टीएमसी के सिंबल और ममता बनर्जी के चेहरे की बदौलत चुनाव जीते थे. जनता ने इन्हें एनडीए को समर्थन देने के लिए वोट नहीं दिया था.
