राज्य में मजबूत बूथ प्रबंधन व जनसंपर्क अभियान पर जोर

राज्य विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों व भाजपा के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक कोलकाता स्थित संघ मुख्यालय में हुई. यह मैराथन बैठक गुप्त रूप से संघ दफ्तर में आयोजित की गयी थी.

कोलकाता.

राज्य विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों व भाजपा के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक कोलकाता स्थित संघ मुख्यालय में हुई. यह मैराथन बैठक गुप्त रूप से संघ दफ्तर में आयोजित की गयी थी. बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गयी. बंगाल के संगठन मंत्री ने इस दौरान रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें बताया गया कि इस बार पार्टी की संगठनात्मक संरचना व बूथ स्तर तक तैयारियां पिछले चुनाव से कहीं अधिक मजबूत ढंग से की गयी हैं.

बांग्लादेशी घुसपैठ व भ्रष्टाचार को बनाया जायेगा मुख्य मुद्दा : भाजपा व आरएसएस की संयुक्त रणनीति के तहत, बंगाल चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों की जनसांख्यिकीय असंतुलन को प्रमुख मुद्दा बनाया जायेगा. बांग्लादेशी घुसपैठ को राज्य की स्थिरता, रोजगार और कानून-व्यवस्था से जोड़ कर जनता के बीच उठाया जायेगा. पार्टी का मानना है कि घुसपैठ के कारण राज्य की सामाजिक और आर्थिक संरचना प्रभावित हुई है और इसे व्यापक जनविचार का हिस्सा बनाना जरूरी है. बैठक में यह भी तय किया गया कि सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ को रोकने में स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत और राज्य सरकार के संरक्षण को उजागर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा. इस अभियान के तहत आंकड़ों, स्थानीय घटनाओं और जमीनी रिपोर्ट्स को सामने लाया जायेगा, ताकि जनता को यह समझाया जा सके कि ममता सरकार इस घुसपैठ को रोकने में नाकाम नहीं बल्कि निष्क्रिय और संरक्षक की भूमिका में है.

आरएसएस व भाजपा के संगठनात्मक तंत्र को यह जिम्मेदारी दी गयी है कि राज्य के अलग-अलग जिलों में बदलती जनसंख्या संरचना पर जनजागरण अभियान चलाया जाये. इसका उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि किस तरह कुछ क्षेत्रों में वोट बैंक राजनीति के कारण आबादी का संतुलन तेजी से बदल रहा है, जिससे सांस्कृतिक और सामाजिक असंतुलन की स्थिति बन रही है.

आर्थिक बदहाली व युवाओं के पलायन भी मुद्दा : जानकारी के अनुसार, बंगाल की अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है. निवेश ठप है, नये उद्योग नहीं लग रहे और बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में राज्य छोड़ रहे हैं. भाजपा इसे अपने अभियान का केंद्रीय मुद्दा बनायेगी. यह दिखाने के लिए कि परिवर्तन का वादा करने वाली सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर राज्य को पीछे धकेल दिया है. बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि राज्य सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाया जायेगा. इसमें शिक्षक नियुक्ति घोटाला, कोयला और बालू खनन से जुड़ीं अनियमितताएं और सरकारी योजनाओं में धन के दुरुपयोग जैसे मामलों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जायेगा.

महिलाओं की सुरक्षा व दुष्कर्म की बढ़तीं घटनाओं के खिलाफ आंदोलन

राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में हो रही बढ़ोतरी को लेकर पार्टी स्ट्रीट फाइट मोड में जाने की तैयारी कर रही है. महिला मोर्चा और युवा मोर्चा के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, जनजागरण अभियान और स्थानीय स्तर पर रैलियां आयोजित करने की योजना पर चर्चा हुई. उद्देश्य यह दिखाना है कि महिला सुरक्षा के मोर्चे पर ममता सरकार पूरी तरह विफल रही है. राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है.

बैठक में संघ व भाजपा के ये नेता रहे मौजूद

बैठक में आरएसएस की ओर से सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, क्षेत्रीय प्रचारक व प्रांत प्रचारक शामिल हुए. वहीं, भाजपा की ओर से बंगाल चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव, सह प्रभारी बिप्लब देब, प्रदेश प्रभारी सुनील बंसल व सह प्रभारी अमित मालवीय मौजूद रहे. राज्य की ओर से संगठन मंत्री अमिताभ चक्रवर्ती और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भाग लिया. प्रदेश अध्यक्ष स्वास्थ्य कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो पाये.

बंगाल में होंगे हिंदू सम्मेलन

भाजपा के स्थानीय नेता आरएसएस के विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे. संघ शताब्दी वर्ष के विभिन्न कार्यक्रमों में पार्टी के स्थानीय नेताओं की भूमिका बढ़ाने की भी योजना है. सूत्रों के अनुसार अगले साल जनवरी में उत्तर द दक्षिण बंगाल में अलग-अलग हिंदू सम्मेलन भी आयोजित किये जायेंगे. बैठक के निष्कर्ष के अनुसार, भाजपा व आरएसएस अब बंगाल में मजबूत बूथ प्रबंधन और जनसंपर्क अभियान पर फोकस करेंगे.

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Published by: Bijay kumar

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