25 फीसदी डीए मिला, तो बंगाल के सीनियर ऑफिसर्स के अकाउंट में आयेंगे 3 लाख रुपए

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी गद्गद् हैं. कर्मचारी यूनियन के एक नेता ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को आदेश दिया है कि 2008 से 2019 तक के महंगाई भत्ता के एरियर का 25 प्रतिशत भुगतान मार्च तक करना है. अगर ऐसा हुआ, तो अधिकारियों के खाते में 3-3 लाख रुपए आयेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को सरकारी कर्मचारियों को बकाया महंगाई भत्ते की 25 फीसदी राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है. बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी समिति के महासचिव सपन मंडल ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन होता है और राज्य सरकार ने एरियर का भुगतान किया, तो ‘ग्रुप-ए’ के अधिकारियों को करीब 3 लाख रुपए देने होंगे. ग्रुप-बी और ग्रुप-सी ग्रेड के अफसरों को डेढ़ से 2 लाख रुपए मिलेंगे. ग्रुप-डी कर्मियों को भी एक से डेढ़ लाख रुपए मिलेंगे.

12 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को होगा फायदा

सपन मंडल ने कहा कि फिलहाल इस दायरे में नियमित 8 लाख कर्मचारी हैं. रिटायर्ड कर्मचारियों की संख्या 4 लाख के आसपास है. वर्ष 2020 से पहले काम कर रहे राज्य सरकार के कर्मचारियों के अलावा रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को इस फैसले का लाभ मिलेगा. हालांकि, यह फैसला सिर्फ उन लोगों पर लागू होता है, जो वर्ष 2009 के बाद रिटायर हुए हैं.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

2019 के बाद सर्विस में आने वालों पर कोर्ट का आदेश लागू नहीं

यह फैसला उन लोगों पर लागू नहीं होता, जिन्होंने वर्ष 2019 के बाद नौकरी शुरू की है. वर्ष 2009 से 2019 के बीच जिन लोगों को सरकारी नौकरी मिली है, उन्हें उस समय का बकाया डीए मिलेगा. यानी, अगर कोई वर्ष 2014 में सर्विस में आया है, तो उसे तब से लेकर 2019 तक का बकाया डीए मिलेगा.

इसे भी पढ़ें

बंगाल के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में होगा बंपर इनक्रीमेंट, सेवेंथ पे कमीशन का मिलेगा लाभ

महंगाई भत्ता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से झूमे आंदोलनकारी, बांटे लड्डू

बंगाल चुनाव से पहले 1500 रुपए बेरोजगारी भत्ता की सौगात, नयी योजना लाएगी ममता बनर्जी सरकार

पश्चिम बंगाल का बजट : सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 4 प्रतिशत बढ़ाने का ऐलान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >