Emergency Pension West Bengal: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने आपातकाल (Emergency) के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने वाले सेनानियों को सम्मान देने का फैसला लिया है. रविवार को राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आपातकाल का विरोध करने की वजह से जेल भेजे जाने वाले 325 व्यक्तियों को 10,000 रुपए मासिक पेंशन देने की घोषणा की.
इमरजेंसी के लोकतंत्र सेनानियों के आदर्शों पर टिकी है नयी सरकार : शुभेंदु
सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 1975 के आपातकाल के दौर में इन बहादुर सेनानियों ने तानाशाही के खिलाफ खड़े होकर और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए असीम यातनाएं सही थी. हमारे देश के इन शूरवीरों को उस दौर में भारी कठिनाइयों और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था. हमारी सरकार इन्हीं वीर सेनानियों के उच्च आदर्शों और सिद्धांतों पर आधारित है.
BHAVYA योजना के दूसरे चरण का प्रस्ताव इसी माह : रॉय
दूसरी तरफ, राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तापस रॉय ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य के औद्योगिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार केंद्र सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के दूसरे चरण के तहत अपना विस्तृत प्रस्ताव अगस्त महीने तक केंद्र को सौंपने की पूरी तैयारी कर रही है.
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‘स्टार्टअप वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की तरह कर रहे काम’
रॉय ने जानकारी दी कि इस संबंध में राज्य के संबंधित विभाग ने 24 जुलाई को ही केंद्रीय मंत्रालय को औपचारिक पत्र भेज दिया था. उन्होंने कहा- हमारा विभाग अब एक तरह से ‘स्टार्टअप वाणिज्य एवं उद्योग विभाग’ की तरह काम कर रहा है, क्योंकि हमें नये सिरे से हर एक योजना को धरातल पर उतारने और लागू करने के लिए शून्य से शुरुआत करनी पड़ रही है.
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केंद्र सरकार की ‘भव्य रसायन’ योजना पर नजर
24 जुलाई को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3,030 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय के साथ भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (BHAVYA Rasayan) योजना को मंजूरी दी थी. इसका मुख्य उद्देश्य देश में 3 समर्पित केमिकल पार्कों की स्थापना करना, घरेलू विनिर्माण को सशक्त बनाना, विदेशी निवेश को आकर्षित करना और भारतीय रसायन उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करना है. पश्चिम बंगाल सरकार इसी योजना के तहत राज्य में नये औद्योगिक अवसरों को भुनाने के लिए तत्परता से काम कर रही है.
