गुमशुदगी की जांच में करोड़ों के राइस पुलर फ्रॉड का पर्दाफाश

मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बेलघरिया निवासी सुजय चट्टोपाध्याय को पकड़ा. उससे पूछताछ में राइस पुलर फ्रॉड का खुलासा हुआ.

कोलकाता. गुमशुदगी मामले की जांच कर रही पुलिस को करोड़ों के राइस पुलर फ्रॉड का पता चला है. तीन अक्तूबर को विधाननगर के एनएससीबीआइ एयरपोर्ट थाने में दो लोगों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करायी गयी थी. मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बेलघरिया निवासी सुजय चट्टोपाध्याय को पकड़ा. उससे पूछताछ में राइस पुलर फ्रॉड का खुलासा हुआ. जानकारी के मुताबिक, त्रिपुरा से पांच लोग गत तीन अक्तूबर को कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे थे. इनमें से दो (दामाद-ससुर) बस स्टैंड से लापता हो गये. बेलघरिया निवासी सुजय चट्टोपाध्याय इनका अपहरण किया था. दोनों को पहले एयरपोर्ट के पास स्थित एक होटल में रखा, फिर बेलघरिया के एक ठिकाने में पहुंचा दिया. उधर, गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और सुजय को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से दोनों को मुक्त कराया. सुजय से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि कुछ दिनों पहले दोनों ने उसके साथ धोखाधड़ी की थी. राइस पुलर देने के नाम पर उससे 90 लाख रुपये लिये थे.

पुलिस का कहना है कि अपहरण के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके चंगुल से मुक्त कराये गये दोनों लोगों से पूछताछ कर राइस पुलर फ्रॉड गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों का पता लगाया जा रहा है.

क्या है राइस पुलर

राइस पुलर का अर्थ है- चावल खींचने वाली धातु. इसे कॉपर इरिडियम भी कहा जाता है. ठग यह कहकर लोगों को अपने झांसे में लेते हैं कि आकाशीय बिजली के संपर्क में आने से राइस पुलर में अलौकिक शक्तियां पैदा हो जाती हैं. यह चुंबकीय शक्ति के चलते अत्यधिक मूल्यवान है. इसे नासा उपग्रहों और स्पेस में ऊर्जा पैदा करने के लिए करोड़ों में खरीदता है. इसी लालच में आकर लोग लाखों-करोड़ों रुपये देकर राइस पुलर खरीद लेते हैं. रातोंरात अमीर बनाने का झांसा देकर भी ठग राइस पुलर बेच देते हैं.

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