कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम व न्यायाधीश हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए हावड़ा पुलिस कमिश्नरेट और कोलकाता पुलिस की वेबसाइट के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की खंडपीठ ने सवाल उठाते हुए कि राज्य के अन्य जिलों में पुलिस की वेबसाइट में कोई समस्या नहीं है, लेकिन राज्य के दो प्रमुख कमिश्नरेट वेबसाइट पर सूचना उपलब्ध कराने में कैसे पीछे रह गये हैं. याचिकाकर्ता ने हावड़ा व कोलकाता पुलिस कमिश्नरेट के वेबसाइड पर सूचना अपलोड करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी इसकी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड नहीं की जा रही है. जबकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, एफआइआर दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर उसे वेबसाइट पर अपलोड किया जाना चाहिए. याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस मामले में हावड़ा पुलिस कमिश्नरेट की भूमिका बहुत खराब है.
उन्होंने लंबे समय से वेबसाइट पर एफआइआर के संबंध में कोई जानकारी अपलोड नहीं की है. हालांकि कोलकाता पुलिस कमिश्नरेट एफआइआर अपलोड करने की स्थिति कुछ बेहतर है, लेकिन उन्हें देखने के लिए आवेदक को इतने सारे सवालों के जवाब देने पड़ते हैं और फिर मुख्य पृष्ठ पर लौटना मुश्किल हो जाता है. याचिकाकर्ता का दावा है कि राज्य के अन्य जिलों में यह समस्या नहीं है. हालांकि, इस संबंध में हावड़ा पुलिस ने अदालत में रिपोर्ट पेश करते हुए कहा है कि यह आरोप सत्य नहीं है. हावड़ा पुलिस द्वारा लगातार जानकारियां अपलोड की जा रही हैं.
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