कोलकाता.
पश्चिम बंगाल की सियासत में धार्मिक आस्था को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गयी है. तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिये भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हरि कृष्ण महामंत्र के उच्चारण को लेकर सवाल खड़े किये हैं.तृणमूल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भाजपा को अब भगवान राम का नाम लेने में भी समस्या हो रही है. आरोप लगाया गया कि गृह मंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम के दौरान हरे कृष्ण महामंत्र का जाप शुरू किया, लेकिन शुरुआती पंक्तियों के बाद रुक गये. इसे या तो ‘अज्ञानता या फिर उदासीनता’ का परिचायक बताया गया है.तृणमूल नेताओं ने कहा कि 15वीं शताब्दी के भक्ति आंदोलन के दौरान श्री श्री चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाओं से हरे कृष्ण महामंत्र को व्यापक पहचान मिली. नदिया की पवित्र भूमि, जो चैतन्य महाप्रभु से जुड़ी मानी जाती है, वहां इस तरह अधूरा उच्चारण आस्था के प्रति असम्मान दर्शाता है. पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि जो दल स्वयं को हिंदू धर्म का एकमात्र संरक्षक बताता है, क्या वह पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का नाम लेने में भी हिचकिचाता है. भाजपा की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है.
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में धर्म और सांस्कृतिक पहचान के मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है.