कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट
बंगाल में राजनीतिक हलचल के बीच राज्य के सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गयी हैं. भाजपा सरकार ने भी कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिये हैं. सत्ता में आने के बाद अपने पहले बजट में वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में एकमुश्त 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की थी. इसी दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए सातवें वेतन आयोग के गठन का आश्वासन दिया था. अब राज्य प्रशासन ने इस दिशा में पहला प्रशासनिक कदम उठाया है.
वित्त विभाग से नोटिफिकेशन जारी
सरकार की ओर से उठाये गये इस कदम पर कुछ सरकारी कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यह अभी शुरुआती पहल है. हालांकि राज्य सरकार के वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में एक निर्देशिका जारी की गयी है. वाटर रिसोर्स एक्सप्लोरेशन एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की ओर से जारी निर्देश से संकेत मिलता है कि अगले वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. वित्त विभाग के ऑब्जर्वेशन के आधार पर जारी इस नोटिफिकेशन में संबंधित प्रशासनिक विभागों से कहा गया है कि वे वेतन और भत्तों से जुड़े अपने सभी प्रस्ताव अगले वेतन आयोग को सौंपने के लिए तैयार रखें.
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ग्रुप-पी1 ब्रांच से मंजूरी का इंतजार
वॉटर रिसोर्स डेवलपमेंट डायरेक्टरेट के कर्मचारियों और चीफ आर्किटेक्ट को भेजे गये पत्र में बताया गया है कि वित्त विभाग की ग्रुप-पी1 ब्रांच से मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जा रही है. निर्देश में विशेष रूप से बताया गया है कि नौ जुलाई को वॉटर रिसोर्स एक्सप्लोरेशन एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के डिप्टी सेक्रेटरी ने एक जरूरी पत्र भेजा था. इसमें सात मार्च 2025 के पिछले मेमो नंबर का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि वित्त विभाग की ग्रुप-पी1 शाखा ने अपने ऑब्जर्वेशन में प्रशासनिक विभागों से सभी प्रस्ताव अगले पे कमीशन को जमा करने का अनुरोध किया है. हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला नया वेतन आयोग गठित होने के बाद ही लिया जा सकेगा.
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