पीड़ित व्यवसायी का दावा, आरोपियों ने केंद्र सरकार का आइबी अधिकारी बताकर जीता था विश्वास
कोलकाता. टिंबर व्यवसाय शुरू करने के नाम पर पोस्ता इलाके के एक व्यवसायी से 11.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. पीड़ित नारायण प्रसाद खेमका की शिकायत पर पोस्ता थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. शिकायत के अनुसार, सर हरि राम गोयनका स्ट्रीट स्थित पहली मंजिल पर पीड़ित का कार्यालय है. आरोप है कि बीते वर्ष तीन जुलाई से 16 अगस्त के बीच कुछ अज्ञात लोगों ने उनके पोस्ता स्थित कार्यालय में आकर आपराधिक साजिश रची और खुद को केंद्र सरकार का वरिष्ठ आइबी अधिकारी बताया. आरोपियों ने जाली पहचान पत्र और आधिकारिक प्रतीत होने वाले दस्तावेज दिखाकर उनका विश्वास जीता. आरोप है कि आरोपियों ने कथित लकड़ी के व्यवसाय में निवेश कर मोटा मुनाफा मिलने का लालच देकर कुल 11.50 लाख रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिये. इसके बाद न तो राशि वापस की गयी और न ही किसी प्रकार का लाभ दिया गया. पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने बाद में फोन कॉल और संदेशों का जवाब देना भी बंद कर दिया. इसके बाद पीड़ित ने पोस्ता थाने में शिकायत दर्ज करायी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
