राज्य में एक से दो चरण में कराये जायें विधानसभा चुनाव

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में निर्वाचन आयोग की फुल बेंच ने सोमवार को राजारहाट स्थित एक होटल में सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक की. बैठक में सभी राजनीतिक दलों की ओर से एक या दो चरण में चुनाव कराने का आग्रह किया गया है. साथ ही निष्पक्ष चुनाव में मदद का भी भरोसा दिया.

कोलकाता.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में निर्वाचन आयोग की फुल बेंच ने सोमवार को राजारहाट स्थित एक होटल में सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक की. बैठक में सभी राजनीतिक दलों की ओर से एक या दो चरण में चुनाव कराने का आग्रह किया गया है. साथ ही निष्पक्ष चुनाव में मदद का भी भरोसा दिया.

आज की बैठक में भाजपा की ओर से शिशिर बाजोरिया, जगन्नाथ चटर्जी और तापस राय मौजूद थे. वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, महानगर के मेयर व मंत्री फिरहाद हकीम व राजीव कुमार मौजूद रहे.

माकपा की ओर से राज्य सचिव मो. सलीम, अफरीन बेगम और शमिक लाहिड़ी मौजूद रहे. इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस की ओर से प्रदीप भट्टाचार्य व आशुतोष चटर्जी शामिल रहे.

राजनीतिक दलों से बैठक के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि बैठक में अन्य पार्टियों जैसे फॉरवर्ड ब्लॉक, आम आदमी पार्टी, नेशनल पिपुल्स पार्टी भी शामिल हुई थी. निर्वाचन आयोग ने कहा कि सभी पार्टियों ने शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव का भरोसा जताया है और कहा है कि इस बार राज्य में हिंसामुक्त चुनाव कराये जायेंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ने भी उन्हें इस बारे में आश्वस्त किया है.

अधिकतम तीन चरणों में ही कराये जायें विधानसभा चुनाव : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कोलकाता में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की पूर्ण पीठ से मुलाकात की और मांग की कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अधिकतम तीन चरण में ही कराये जायें. पार्टी ने यह भी आग्रह किया कि निर्वाचन आयोग राज्य में पूरी तरह हिंसामुक्त विधानसभा चुनाव कराने के लिए ठोस कदम उठाये. भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सुरक्षा के माहौल को लेकर अपनी चिंताओं को रेखांकित करते हुए 16 सूत्री ज्ञापन आयोग को सौंपा.तीन सदस्यीय पार्टी प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी ने आयोग से मतदान कार्यक्रम को अधिकतम तीन चरणों तक सीमित करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि हमने एक, दो या तीन चरणों में ही चुनाव कराने की मांग की है. भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने एक प्रमुख चिंता यह जतायी कि राज्य में वर्तमान में केंद्रीय बलों की लगभग 400 कंपनियों की तैनाती और उनके उपयोग का तरीका सही नहीं है. चट्टोपाध्याय ने इन बलों के संचालन में राज्य पुलिस की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा कि भरोसा कायम करने के मौजूदा प्रयास मतदाताओं को आश्वस्त करने में विफल साबित हो रहे हैं. उन्होंने कहा, कि राज्य पुलिस द्वारा केंद्रीय बलों के उपयोग के तरीके से हम असंतुष्ट हैं. यदि हिंसा-मुक्त और भयमुक्त वातावरण बनाना है, तो आयोग को राज्य पुलिस और सरकार के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो मतदाताओं को अपना वोट डालने से रोकते हैं. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि रूट मार्च जानबूझकर शांतिपूर्ण क्षेत्रों में कराये जा रहे हैं. भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने कहा कि मैंने अपनी आंखों से देखा है कि रूट मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण क्षेत्रों में हो रहे हैं. ये मुख्य सड़कों पर हैं जहां कोई आबादी नहीं है-केवल वाहन गुजरते हैं. इस तरह राज्य पुलिस केंद्रीय बलों को काम करने के लिए बाध्य कर रही है. इसके अलावा पार्टी ने आयोग से संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान के मानदंडों को फिर से परिभाषित करने का अनुरोध किया. भाजपा ने प्रस्ताव रखा कि पिछले चुनावों के दौरान या उनके बाद 85 प्रतिशत से अधिक मतदान वाले या हिंसा झेलने वाले किसी भी बूथ को स्वतः संवेदनशील घोषित कर अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाये. भाजपा ने तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा उंगली काटने के बयान का मुद्दा उठाया. उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने का अनुरोध किया.

एसआइआर से संबंधित चिंताएं नहीं सुनी गयीं : तृणमूल

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ के साथ हुई चर्चा के दौरान एसआइआर से संबंधित उसकी चिंताएं नहीं सुनी गयीं. राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि चूंकि पार्टी इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय का रुख कर चुकी है, इसलिए इस बारे में फैसला उच्चतम न्यायालय लेगा और निर्वाचन आयोग का इससे कोई लेना-देना नहीं है. भट्टाचार्य ने कहा कि मैं एक महिला हूं, और मुझसे कहा गया कि चिल्लाइए मत. हम लोगों के अधिकारों के बारे में बोल रहे थे, ऐसे में मैं अपनी आवाज क्यों नहीं उठाती?” भट्टाचार्य ने दावा किया कि जब जब उन्होंने एसआइआर को लेकर चिंताएं जताने की कोशिश की, तब-तब निर्वाचन आयोग यह कहता रहा कि मामला उच्चतम न्यायालय के पास विचाराधीन है. उन्होंने कहा कि जब भी मैंने एसआइआर के बारे में बात की, तो उन्होंने कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष है. अगर ऐसा ही है तो उन्होंने हमें बैठक के लिए क्यों बुलाया? जब उन्होंने हमें आमंत्रित कर ही दिया था, तो उन्हें हमारी बात सुननी चाहिए थी. कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों की मौजूदगी के बारे में एक गलत धारण बनायी जा रही है, जिसके कारण असली भारतीय नागरिकों का उत्पीड़न हो रहा है. उन्होंने दावा किया कि पिछले दो महीनों में, न तो किसी घुसपैठिये और न ही किसी रोहिंग्या की पहचान हुई है, लेकिन सामान्य भारतीय नागरिकों को परेशान करके उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. पूर्व डीजीपी और राज्यसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार राजीव कुमार भी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे.

चुनाव एक चरण में हो, तो बेहतर : कांग्रेस

कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व सांसद प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि अगर चुनाव एक चरण में हो तो बेहतर होगा. चुनाव कितने चरण में होगा, यह उनके लिए मायने नहीं है. कांग्रेस चाहती है कि चुनाव निष्पक्ष, साफ-सुथरा व शांतिपूर्ण हो. इसके लिए आयोग को कदम उठाने की जरूरत है.

माकपा ने निर्वाचन आयोग से केवल एक चरण में विधानसभा चुनाव कराने की मांग की

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने निर्वाचन आयोग से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव केवल एक चरण में कराने की मांग की है. निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ के साथ बैठक से बाहर आने के बाद पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि बहु-चरणीय चुनाव असामाजिक तत्वों को विभिन्न स्थानों पर जाने में सुविधा प्रदान करते हैं. सलीम ने पत्रकारों से कहा कि हमने विशेष रूप से मांग की है कि चुनाव एक ही चरण में कराये जायें, यदि ऐसा नहीं होता है, तो दो से अधिक चरण में चुनाव नहीं कराये जाने चाहिए. माकपा ने यह भी मांग की कि एसआइआर के पूरा होने के बाद प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची में सभी वास्तविक मतदाताओं को शामिल किया जाये.

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Author: BIJAY KUMAR

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