पीएम ने 5367 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

यहां नेहरू स्टेडियम से शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल एवं गैस, बिजली, सड़क और रेल क्षेत्रों से जुड़ी अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया.

प्रतिनिधि, दुर्गापुर

यहां नेहरू स्टेडियम से शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल एवं गैस, बिजली, सड़क और रेल क्षेत्रों से जुड़ी अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया. क्षेत्र में तेल एवं गैस के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए, प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा और पुरुलिया जिले में लगभग 1,950 करोड़ रुपये की लागत वाली भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस वितरण (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखी. यह परियोजना 5.5 लाख घरों में गैस कनेक्शन उपलब्ध करायेगी, सीएनजी स्टेशनों के माध्यम से परिवहन के लिए स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी. प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 15 लाख मानव दिवस के रोजगार का सृजन होगा.

प्रधानमंत्री ने दुर्गापुर-हल्दिया प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के दुर्गापुर से कोलकाता खंड (132 किलोमीटर) को राष्ट्र को समर्पित किया, जिसे जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा पाइपलाइन के अंतर्गत बिछाया गया है. इसे प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा (पीएमयूजी) परियोजना के नाम से भी जाना जाता है. 1,190 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस परियोजना में पाइपलाइन दुर्गापुर से कोलकाता खंड पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान, हुगली और नदिया जिलों से होकर गुजर रही है. इससे घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को स्वच्छ, हरित और किफायती ईंधन की आपूर्ति, 29 लाख घरेलू परिवारों व 365 सीएनजी स्टेशनों को लाभ होगा. प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से तीन लाख मानव दिवस के रोजगार का सृजन होगा.

सभी के लिए स्वच्छ वायु और स्वास्थ्य सुरक्षा की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री ने दुर्गापुर स्टील थर्मल पावर स्टेशन और दामोदर घाटी निगम के रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन को 1,457 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली रेट्रोफिटिंग प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली-फ्लू गैस डीसल्फराइजेशन (एफजीडी) राष्ट्र को समर्पित किया. इससे एसओ2, एनओ2 और कणिकीय पदार्थ जैसे हानिकारक उत्सर्जन में कमी आयेगी, स्थानीय समुदायों के स्वास्थ्य जोखिम में कमी होगी, राष्ट्रीय उत्सर्जन के मानकों के अनुरूप संचालन होगा और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को सक्षम बना सकेगी.

क्षेत्र में रेल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री ने पुरुलिया में 390 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी पुरुलिया-कोटशिला रेल लाइन (36 किलोमीटर) के दोहरीकरण कार्य को भी राष्ट्र को समर्पित किया. इससे जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद के उद्योगों का रांची और कोलकाता के साथ रेल संपर्क में सुधार होगा और मालगाड़ियों की कुशल आवाजाही, यात्रा समय में कमी और उद्योगों एवं व्यवसायों के लिए लॉजिस्टिक्स में सुधार होगा.

पश्चिम बर्दवान जिला के तोपसी और पांडवेश्वर में सेतु भारतम कार्यक्रम के तहत निर्मित 380 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की सड़क के ऊपर बने पुल (आरओबी) का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया. इससे संभावित टकराव बिंदुओं को समाप्त करने से सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, यातायात प्रवाह में सुधार होगा और देरी में कमी आयेगी, सुगम और निर्बाध सड़क संपर्क सुनिश्चित हो सकेगा, ईंधन की खपत और उत्सर्जन में कमी होगी.

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